सावन सोमवार का विशेष प्रभाव”श्रावण की अंतिम सोमवारी का विशेष प्रभाव 24 अगस्त 2026 | श्रावण शुक्लपक्ष की दूसरी एवं अंतिम सोमवारीश्रावण माह की अंतिम सोमवारी 24 अगस्त 2026 को पड़ रही है। यह दिन भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन द्वादशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, प्रीति योग और आयुष्मान योग का प्रभाव रहेगा।द्वादशी तिथि द्वादशी तिथि पूरे दिन रहेगी, जिसे भगवान हरि की पूजा, तुलसी पूजन एवं धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र ऊर्जा, उत्साह, आत्मविश्वास और विजय का प्रतीक माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए शुभ कार्यों से सफलता प्राप्त करने के लिए सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।प्रीति योग एवं आयुष्मान योग प्रेम-संबंधों में मधुरता, सकारात्मक सोच, उत्साह और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। शिववास का विशेष महत्वअंतिम सोमवारी के दिन शिववास अर्थात भगवान महादेव के कैलाश पर विराजमान रहने का विशेष महत्व माना जाता है।
चंद्रमा गुरु की अधिपत्य राशि धनु में संचरण करेंगे। रुद्राभिषेक से क्या लाभ मिलेगा?मान्यता है कि इस विशेष सोमवारी पर श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से धन प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त हो सकते हैं।
शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सफलता मिल सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य दोबारा शुरू हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति और सौहार्द बढ़ सकता है। पति-पत्नी एवं प्रेम संबंधों में मधुरता आ सकती है। आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि हो सकती है। नौकरी एवं व्यापार में सफलता के नए अवसर मिल सकते हैं।
अंतिम सोमवारी पर क्या करें?सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा एवं सफेद पुष्प अर्पित करें।
इसके बाद “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें तथा शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव की आराधना करें और अपनी मनोकामना उनके चरणों में समर्पित करें।
ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ 8080426594/9545290847



















