-खुदरा महंगाई दर का अनुमान घटाकर 5.0 फीसदी किया मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7 फीसदी और खुदरा महंगाई दर का अनुमान घटाकर पांच फीसदी कर दिया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समीति (एमपीसी) की तीन दिवसीय द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद जानकारी दी कि रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा गया है। संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक समीक्षा में सर्वसम्मति से वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान है। इसमें पहली तिमाही में सात फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.4 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। दोनों ओर घट-बढ़ के जोखिम संतुलित हैं। Horoscope | कर्क, सिंह, तुला सहित पांच राशियों का आज खुलेगा भाग्य, जानें मेष से मीन राशि का दैनिक राशिफल आरबीआई गवर्नर ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी उथल-पुथल का घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर भी कुछ असर पड़ सकता है। मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष की (अप्रैल-जून) पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थित बना हुआ है, जिससे निकट अवधि का परिदृश्य भी अनिश्चित है। मल्होत्रा ने कहा कि हालांकि, अब तक महंगाई का सामान्य दबाव कम ही है, लेकिन खाने-पीने की चीजों, ईंधन एवं दूसरे कच्चे माले की लागत में बढ़ोतरी होने से व्यापक स्तर पर मुद्रास्फीति के बढ़ने का जोखिम कायम है। मंत्री दीपक प्रकाश बने एमएलसी, प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई के अनुमान को 5 फीसदी रखा गया है। दूसरी तिमाही में इसके 4.7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.5 फीसदी रहने का अनुमान है। गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई के दोनों ओर घट-बढ़ के साथ 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुख्य महंगाई 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर कायम रखा है। आरबीआई ने जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी और महंगाई दर का अनुमान 5.1 फीसदी रखा था। प्रधानमंत्री के वीडियो पर मेटा ने मांगी माफी, सरकार ने खुद से कंटेंट परोसने को लेकर दी हिदायत
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-खुदरा महंगाई दर का अनुमान घटाकर 5.0 फीसदी किया
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मुंबई: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7 फीसदी और खुदरा महंगाई दर का अनुमान घटाकर पांच फीसदी कर दिया है।
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आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समीति (एमपीसी) की तीन दिवसीय द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद जानकारी दी कि रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा गया है। संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक समीक्षा में सर्वसम्मति से वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान है। इसमें पहली तिमाही में सात फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.4 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.5 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। दोनों ओर घट-बढ़ के जोखिम संतुलित हैं।
आरबीआई गवर्नर ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी उथल-पुथल का घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर भी कुछ असर पड़ सकता है। मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष की (अप्रैल-जून) पहली तिमाही के प्रमुख आंकड़े घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती को दर्शाते हैं।
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उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थित बना हुआ है, जिससे निकट अवधि का परिदृश्य भी अनिश्चित है। मल्होत्रा ने कहा कि हालांकि, अब तक महंगाई का सामान्य दबाव कम ही है, लेकिन खाने-पीने की चीजों, ईंधन एवं दूसरे कच्चे माले की लागत में बढ़ोतरी होने से व्यापक स्तर पर मुद्रास्फीति के बढ़ने का जोखिम कायम है।
संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई के अनुमान को 5 फीसदी रखा गया है। दूसरी तिमाही में इसके 4.7 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.5 फीसदी रहने का अनुमान है। गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई के दोनों ओर घट-बढ़ के साथ 5.3 फीसदी रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुख्य महंगाई 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक प्रमुख नीतिगत दर रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर कायम रखा है। आरबीआई ने जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी और महंगाई दर का अनुमान 5.1 फीसदी रखा था।
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