Chhapra: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा शुक्रवार को जिला भू-अर्जन कार्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय व्यवस्था, अभिलेख संधारण, मुआवजा भुगतान की स्थिति तथा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन कार्यालय के सभी अभिलेखों की कैटलॉगिंग एवं डिजिटाइजेशन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यालय को सुव्यवस्थित रखने, पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, फाइलों एवं अन्य अभिलेखों के सुरक्षित संधारण हेतु नए रैक क्रय करने तथा आवश्यकतानुसार नए फर्नीचर के क्रय करने का निर्देश दिया। साथ ही अनुपयोगी एवं कचरा कागजातों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में स्थापित 23 सीसीटीवी कैमरों को 24×7 क्रियाशील रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित भुगतान एवं “रेडी फॉर पेमेंट” अभिलेखों की जानकारी नामित लिपिकों से प्राप्त की तथा भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु आवश्यक सहयोग एवं संसाधनों की जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान यह जानकारी दी गई कि LPC एवं वंशावली बनने में विलंब के कारण कुछ मामलों में मुआवजा भुगतान प्रभावित होता है। जिलाधिकारी ने समन्वय स्थापित कर ऐसी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के क्रम में अमीनों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परियोजनावार भुगतान एवं लंबित मामलों की रैयातवार विस्तृत जानकारी कारण सहित गूगल डॉक में संधारित की जाए तथा इसकी view access जिला वेबसाइट के माध्यम से सभी संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कार्यालय परिसर के बाहर नोटिस बोर्ड पर परियोजनावार संबंधित ADLAO का नाम एवं मोबाइल नंबर तथा अन्य आवश्यक जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश दिया ताकि आम नागरिकों को आवश्यक जानकारी सहजता से उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी द्वारा आगत-निर्गत पंजी का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि आगत पंजी का विधिवत संधारण सुनिश्चित किया जाए तथा किस पत्र को किस संचिका के माध्यम से उपस्थापित किया गया है, इसकी स्पष्ट विवरणी पंजी में अंकित की जाए।
सभी कर्मियों के लॉगबुक का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की closure report अनिवार्य रूप से लॉगबुक में दर्ज की जाए। साथ ही न्यायालय से संबंधित मामलों के रिकॉर्ड संधारण में प्रत्येक मामले की अगली निर्धारित सुनवाई तिथि अनिवार्य रूप से अंकित करने का निर्देश दिया।
भू-अर्जन कार्यालय में प्राप्त सभी पत्रों में कार्रवाई हेतु लंबित पत्रों की समेकित सूची लिपिकवार तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
परियोजनावार भू-अर्जन मुआवजा भुगतान की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए “ready for payment” मामलों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की तथा सभी परियोजनाओं में भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी , सभी अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं कार्यालय के सभी लिपिक उपस्थित थे।





















