पटना, 22 मई (हि.स.)। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बिहार में क्रिकेट को लेकर बड़ा बयान देते हुए राज्य की अपनी आईपीएल टीम बनाने की वकालत की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिस तरह चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमें हैं, उसी तरह बिहार की भी एक टीम होनी चाहिए।
अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में कहा कि बिहार की मिट्टी ने देश को कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं, लेकिन राज्य को अब तक क्रिकेट के क्षेत्र में वह पहचान नहीं मिल पाई है, जिसका वह हकदार है। उन्होंने अपने पोस्ट में पटना में जन्मे ईशान किशन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सबसे कम गेंदों में वनडे दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया। वहीं समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी को सबसे कम उम्र में आईपीएल डेब्यू करने वाला खिलाड़ी बताया। इसके अलावा गोपालगंज के साधारण परिवार से आने वाले साकिब हुसैन की गेंदबाजी की भी उन्होंने सराहना की।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि उनका सपना है कि बिहार के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिले। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सुविधाएं बिहार में ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि बिहार के बच्चों को सही प्रेरणा और संसाधन मिलें, तो राज्य की टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट टीमों में शामिल हो सकती है।
अनिल अग्रवाल ने यह भी कहा कि बिहार क्रिकेट और यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए वह बिना शर्त सहयोग देने को तैयार हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में लिखा “बिहार मेरे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, एक इमोशन है और अब वक्त आ गया है कि हमारी मिट्टी का टैलेंट मैदान पर दिखे।”
अनिल अग्रवाल के इस बयान को लेकर बिहार की राजनीति और खेल जगत में भी चर्चा तेज हो गई है। बिहार सरकार की ओर से भी इस प्रस्ताव को सकारात्मक समर्थन मिला है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस विचार से पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार क्रिकेट के विकास को लेकर स्पष्ट विजन और मिशन मोड में काम कर रही है।
सम्राट चौधरी ने भरोसा जताया कि सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से बिहार में क्रिकेट के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जाएगा तथा भविष्य में बिहार की अपनी आईपीएल टीम को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सरकार उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।





















