Chhapra/Patna: जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा सहित बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों की समस्याओं एवं उनके समायोजन (Absorption) की मांग को लेकर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की तथा उन्हें एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्षों से कार्यरत अतिथि प्राध्यापक शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा अस्थायी बनी हुई है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित है। उन्होंने बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्रांक 197/2024 एवं 303(5) दिनांक 22/05/2025 का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि उक्त निर्देशों के आलोक में अतिथि प्राध्यापकों का समुचित समायोजन शीघ्र किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल डॉ. साने अली एवं डॉ. धीरज सिंह ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अतिथि शिक्षकों की समस्याओं को विस्तार से रखा और कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ न्यायसंगत निर्णय लिया जाना आवश्यक है, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता बनी रह सके।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना एवं इस विषय पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। संघ ने आशा व्यक्त की है कि सरकार अतिथि प्राध्यापकों के हित में शीघ्र ठोस एवं मानवीय निर्णय लेगी।



















