जलालपुर। जलालपुर बाजार स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेपी सेनानी पंडित ललनदेव तिवारी ने की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश्वर कुंवर ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह एक संस्कृति के उद्घोषक और क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने कहा कि श्री बाबू ने जमींदारी प्रथा का उन्मूलन कर सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में बड़ी क्रांति की, जिसका अनुसरण बाद में पूरे देश ने किया।
उन्होंने कहा कि भूमि सुधार के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक कार्यों के लिए डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को सदैव याद किया जाएगा। वे आधुनिक बिहार के निर्माता थे। उनके नेतृत्व में बिहार में औद्योगिक विकास की जो मजबूत नींव रखी गई, वह उनके दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है।
राजेश्वर कुंवर ने कहा कि यदि बाद की सरकारों ने श्री बाबू की औद्योगिक विकास की परिकल्पना और विरासत को संरक्षित किया होता तो बिहार से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन नहीं होता। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के विचारों और उनके विकास मॉडल को समझे तथा उनके योगदान से प्रेरणा ले।
कार्यक्रम का संचालन एवं समायोजन शैलेन्द्र सिंह ने किया। समारोह में पूर्व मुखिया अशोक सिंह, नारायण सिंह, प्रसिद्ध नारायण सिंह, चुलबुल सिंह, नन्दन तिवारी, अविनाश तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।



















