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जिला भू-अर्जन कार्यालय का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण

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Chhapra: भू-अर्जन से संबंधित मुआवजे के भुगतान में हो रहे विलंब/समस्या को लेकर मंगलवार को कुछ पंचाटी/हितबद्ध रैयतों ने जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। उनलोगों को जिला भू-अर्जन कार्यालय में भेजकर जिलाधिकारी ने उसी समय जिला भू-अर्जन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने पंचाटियों /हितबद्ध रैयतों के मुआवजे के भुगतान से संबंधित कई अभिलेखों की गहन जाँच पड़ताल की। पाया गया कि कई पंचाटी के रिकॉर्ड में भू-अर्जन से संबंधित मुआवजे के भुगतान के लिये पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध थे लेकिन मुआवजे का भुगतान कई महीनों से नहीं किया गया था। जिलाधिकारी ने इसे काफी गंभीरता से लिया और मुआवजे के भुगतान में किये गए अनावश्यक विलंब के लिये जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास से संबंधित परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया को ससमय पूरा करना एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस प्रक्रिया में अनावश्यक बिलंब/ व्यवधान उत्पन्न करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।

प्रशासन द्वारा लगातार भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से हितबद्ध रैयतों से आवश्यक डॉक्यूमेंट प्राप्त करने के लिये परियोजनावार विभिन्न मौजों में विशेष शिविरों का आयोजन भी लगातार किया जा रहा है।

जिलाधिकारी के निदेश के उपरांत पंचाटियों / हितबद्ध रैयतों की सहूलियत के लिए एक स्थायी हेल्पडेस्क भी बनाया गया है। यहाँ संबंधित लोग आकर अपना दस्तावेज जमा कर उसकी पावती ले सकते हैं। साथ ही मुआवजा भुगतान में आवश्यक दस्तावेज एवं इससे संबंधित अन्य बिंदुओं के संबंध में आवश्यक जानकारी भी हेल्पडेस्क के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

भू-अर्जन से संबंधित मुआवजे के भुगतान से संबंधित किसी भी पंचाटी/हितबद्ध रैयत को कोई समस्या/ शिकायत हो तो इसे जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06152 245023 पर दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।

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