Chhapra: मांझी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर सिंह को बिहार मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। महाराजगंज के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र रणधीर सिंह के समर्थन में जिले के युवाओं और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान शुरू किया है। फेसबुक समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर #मांझी_मांगे_मंत्री हैशटैग के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उन्हें मंत्री बनाए जाने की अपील की जा रही है।
रणधीर सिंह वर्तमान में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश महासचिव हैं और संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे दूसरी बार बिहार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इससे पूर्व वे छपरा विधानसभा सीट से भी जीत दर्ज कर चुके हैं। समर्थकों का कहना है कि संगठन और विधानसभा, दोनों स्तरों पर उनका अनुभव उन्हें मंत्रिमंडल के लिए उपयुक्त बनाता है।
जिले के युवाओं के बीच रणधीर सिंह की लोकप्रियता उल्लेखनीय बताई जा रही है। उनकी सुलभता, सक्रियता और जमीनी जुड़ाव को आधार बनाते हुए समर्थकों का मानना है कि यदि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान मिलता है, तो मांझी विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ पूरे सारण जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी। राजनीतिक गलियारों में भी इस मांग को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने सारण जिले की तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, रणधीर सिंह के जदयू में शामिल होने के बाद 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने जिले की सात विधानसभा सीटों पर विजय दर्ज की। समर्थक इसे संगठनात्मक मजबूती और रणधीर सिंह के प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।
पिछले कई मंत्रिमंडलों में सारण जिले को मंत्री पद का प्रतिनिधित्व मिलता रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार में जिले से कोई मंत्री नहीं है। इसी कारण स्थानीय स्तर पर असंतोष और प्रतिनिधित्व की मांग और प्रबल होती जा रही है।
समर्थकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की है कि वे जनभावनाओं का सम्मान करते हुए रणधीर सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल करें, ताकि सारण जिले के विकास को नई गति मिल सके।








