Chhapra: वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के आह्वान पर शुक्रवार को छपरा में ‘नमामि भारतम्, वन्दे मातरम्’ सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। देशभर में पूर्व निर्धारित समय प्रातः 11 बजे आयोजित इस कार्यक्रम के तहत छपरा के चार प्रमुख केंद्रों पर एक साथ राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान शहर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर, दर्शन नगर, छपरा के प्रधानाचार्य विनोद कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसके लिए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, दर्शन नगर के संयोजक राजेश कुमार पाठक, गंगा सिंह महाविद्यालय के संयोजक आशुतोष कुमार चौधरी, शिल्पी पोखरा के संयोजक पंकज कुमार तथा कालीबाड़ी बालिका विद्यालय, दर्शन नगर के संयोजक अनिल कुमार आजाद ने आयोजन की व्यवस्था में सहयोग किया।
चारों केंद्रों पर आचार्य बंधु-भगिनी, कर्मचारी, विद्यार्थी, अभिभावक तथा गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक गायन में हिस्सा लिया।
चार केंद्रों पर एक साथ हुआ आयोजन
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक विजय कुमार सिंह, गंगा सिंह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमेन्द्र कुमार सिंह, कालीबाड़ी विद्यालय के महामंत्री कल्लिल कुमार भट्टाचार्य, विद्यालय के सचिव सुभाष चंद्र मित्रा, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह, उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव, सदस्य सुरभित दत्त, राहुल कुमार मेहता, रजनीश सुधाकर एवं दीपमाला सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और आचार्य बंधु-भगिनी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश
इस अवसर पर विजय कुमार सिंह ने नमामि भारतम्, वन्दे मातरम् अभियान की महत्ता और वर्तमान संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन राष्ट्र के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को अभिव्यक्त करने का माध्यम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव डॉ. सुरेश प्रसाद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं, अभिभावकों, विद्यार्थियों और आचार्य बंधु-भगिनियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सामूहिक गायन के दौरान चारों केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।


















