Muzaffarpur, 08 अक्टूबर (हि.स.)। बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के पूर्व कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओयू की टीम ने आज, 8 अक्टूबर 2026 को उनके 5 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। यह कार्रवाई पुलिस उपाध्यक्ष स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों द्वारा की जा रही है।
आर्थिक अपराध इकाई (आर्थिक अपराध प्रभाग), बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी डिटेल के अनुसार, नारद कुमार दास के खिलाफ कांड संख्या-28/26, दिनांक 07.10.2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद ईओयू ने विशेष न्यायालय (निगरानी), पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त कर आज सुबह ही छापेमारी शुरू कर दी।
आय से 64.93% अधिक संपत्ति का मिला साक्ष्य
प्राथमिक जांच और विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, अभियुक्त नारद कुमार दास के पास उनके वैध आय स्रोतों की तुलना में कुल 83,53,200 रुपये (तिरासी लाख तिरपन हजार दो सौ रुपये) की अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाया गया है। यह उनकी ज्ञात कानूनी आय से लगभग 64.93 प्रतिशत अधिक है। आरोपी मूल रूप से हनुमान पथ, तिलकामांझी, जिला भागलपुर के निवासी हैं और मुंगेर में पदस्थापित रहे हैं।
इन 5 ठिकानों पर चल रही है छापेमारी:
1. हनुमान पथ, तिलकामांझी, भागलपुर स्थित पैतृक आवास।
2. बेलन बाजार, बंगाली टोला, थाना-कासिम बाजार, मुंगेर स्थित आवास।
3. स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल, मुंगेर स्थित सरकारी कार्यालय।
4. फ्लैट नंबर 02F, राधिका अपार्टमेंट, नया टोला, काजी मोहम्मदपुर, जिला मुजफ्फरपुर।
5. कुसुमपुरम मोहल्ला, थाना-रुपसपुर, जिला पटना स्थित आवास।
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इन सभी पांचों स्थानों पर अलग-अलग टीमें गहनता से जांच कर रही हैं। तलाशी की यह कार्रवाई पूरी होने के बाद ईओयू द्वारा इस मामले में विस्तृत विवरण और जब्त किए गए दस्तावेजों या संपत्तियों की अंतिम सूची साझा की जाएगी। इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।


















