पटना, कटिहार और सारण स्थित आवास व कार्यालय की तलाशी, 5.70 लाख रुपये नकद बरामद
Patna/Chhapra: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग, जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल, छपरा के कार्यपालक अभियंता चन्द्रशेखर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। निगरानी थाना कांड संख्या 121/26, दिनांक 13 अक्टूबर 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
निगरानी के अनुसार चन्द्रशेखर सिंह के विरुद्ध 1 करोड़ 10 लाख 96 हजार 883 रुपये के प्रत्यानुपातिक धनार्जन का मामला दर्ज किया गया है। जांच में उनके, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी तथा परिजनों के नाम से कुल 14 अचल संपत्तियों का पता चला है। इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य 1 करोड़ 79 लाख 41 हजार 883 रुपये बताया गया है। इसके अलावा पांच चल संपत्तियां भी मिली हैं, जिनका कुल मूल्य 16 लाख 55 हजार रुपये है।
तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी
विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की तीन टीमों द्वारा 15 अक्टूबर को चन्द्रशेखर सिंह के पटना, कटिहार और सारण स्थित आवास एवं कार्यालय की तलाशी ली। तलाशी के दौरान संपत्ति और निवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
निगरानी के अनुसार तलाशी में अब तक 5 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं, जिनका मूल्यांकन कराया जा रहा है। बैंक खातों, शेयर और जीवन बीमा में निवेश से संबंधित कागजात भी बरामद किए गए हैं।
तलाशी के दौरान सिलीगुड़ी के महंगे व्यावसायिक इलाके में वर्ष 2021 में खरीदी गई 92 डिसमिल जमीन से संबंधित 10 दस्तावेज भी मिले हैं। निगरानी के अनुसार यह जमीन चन्द्रशेखर सिंह की पत्नी के नाम पर खरीदी गई थी और इसे आरोपी द्वारा वार्षिक संपत्ति विवरण में प्रदर्शित नहीं किया गया था।
निगरानी के मुताबिक वर्ष 2021 में चन्द्रशेखर सिंह ग्रामीण कार्य विभाग में फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे। तलाशी के दौरान अन्य जमीन और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पटना में स्थित तीन शयनकक्ष वाला फ्लैट तथा कटिहार स्थित पैतृक आवास में दो शयनकक्ष वाला फ्लैट होने की जानकारी भी सामने आई है। इनके अलावा विभिन्न निवेशों और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
निगरानी के अनुसार चन्द्रशेखर सिंह वर्ष 2014 से 2017 तक बांका में सहायक अभियंता, वर्ष 2017 से 2020 तक बायसी में सहायक अभियंता तथा वर्ष 2020 से 2024 तक फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर रहे। फरवरी 2024 से फरवरी 2025 तक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला, भागलपुर में पदस्थापित रहे। फरवरी 2025 से जून 2026 तक कार्यपालक अभियंता, किशनगंज-2 के पद पर कार्य किया। जून 2026 से वे ग्रामीण कार्य विभाग के जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल, छपरा में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया है कि मामले में तलाशी और अनुसंधान की कार्रवाई जारी है। बरामद दस्तावेजों, संपत्तियों और निवेश से संबंधित अभिलेखों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।



















