Chhapra: शारदीय नवरात्र को लेकर शहर और ग्रामीण इलाकों में उत्साह का माहौल है। देवी आराधना के लिए घरों और पूजा पंडालों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज नवरात्र के प्रथम दिन विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की जाएगी और इसी के साथ नौ दिनों तक चलने वाली देवी उपासना की शुरुआत होगी।
शहर के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख चौक-चौराहों पर पूजा समितियों की ओर से बनाए जा रहे पंडालों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कई स्थानों पर पंडाल का ढांचा तैयार हो चुका है और अब उसे अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। पंडालों की सजावट, विद्युत व्यवस्था, रंग-रोगन और अन्य तैयारियों को पूजा समितियां समय पर पूरा करने में जुटी हैं। वहीं, जिन स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना की जानी है, वहां मूर्ति निर्माण का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है।
पंडालों में अंतिम रूप देने में जुटे कारीगर
पूजा पंडालों को आकर्षक रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात काम कर रहे हैं। कहीं पारंपरिक स्वरूप में पंडाल तैयार किए जा रहे हैं तो कहीं अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर सजावट की जा रही है। पंडालों के आसपास साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं के आने-जाने की व्यवस्था को लेकर भी समितियां सक्रिय हैं।
कई पूजा समितियों ने पंडाल के आसपास आकर्षक विद्युत सजावट की तैयारी की है। रंग-बिरंगी रोशनी से सड़कों और पूजा स्थलों को सजाने का काम भी शुरू हो गया है। शाम होते ही शहर के कई इलाकों में नवरात्र की तैयारियों का उत्सवी माहौल दिखाई देने लगा है।
मूर्तियों का निर्माण अंतिम चरण में
देवी दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में मूर्तिकार जुटे हुए हैं। प्रतिमाओं की मिट्टी का काम पूरा होने के बाद रंग-रोगन और श्रृंगार का काम किया जा रहा है। कई स्थानों पर प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जबकि कुछ पूजा समितियों की प्रतिमाएं पंडालों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं।
मूर्तिकारों का कहना है कि नवरात्र की शुरुआत से पहले प्रतिमाओं को पूरी तरह तैयार कर पूजा समितियों को सौंपने का काम पूरा कर लिया जाएगा। प्रतिमाओं के निर्माण में लगे कारीगरों के बीच भी अंतिम समय में काम पूरा करने को लेकर काफी व्यस्तता है।
घरों में भी कलश स्थापना की तैयारी
नवरात्र को लेकर सिर्फ पूजा समितियां ही नहीं, बल्कि घरों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु अपने घरों में पूजा स्थल की साफ-सफाई और सजावट कर रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के लिए आवश्यक पूजन सामग्री की खरीदारी की जा रही है।
लोगों ने घरों में पूजा के लिए चुनरी, नारियल, कलश, मिट्टी के पात्र, फल, फूल, धूप, दीप और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी शुरू कर दी है। कई परिवार नवरात्र के दौरान व्रत और विशेष पूजा की तैयारी में भी जुटे हैं। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और सजावट की तैयारियां की जा रही हैं।
बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
नवरात्र को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। पूजा सामग्री की दुकानों से लेकर फल, फूल, कपड़े और सजावटी सामान की दुकानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ी है। महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य नवरात्र की पूजा के लिए आवश्यक सामान की खरीदारी करते दिखाई दे रहे हैं।
पूजा सामग्री के अलावा घर और पंडाल की सजावट के लिए भी लोग सामान खरीद रहे हैं। फूल-माला, सजावटी वस्तुओं, विद्युत झालरों और अन्य सामान की मांग बढ़ी है। दुकानदारों को नवरात्र के दौरान बाजार में और अधिक भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
नवरात्र के नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। इसके लिए श्रद्धालुओं ने अपने स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुबह और शाम देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की भी तैयारी की जा रही है।
शहर के विभिन्न पूजा स्थलों पर समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की जा रही है। पंडालों में पर्याप्त रोशनी, आने-जाने के रास्ते और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
नवरात्र की शुरुआत के साथ ही छपरा और सारण का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय होने की उम्मीद है। रविवार को कलश स्थापना के साथ शुरू होने वाली देवी आराधना के बाद शहर के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी। पूजा समितियां शेष कार्यों को समय पर पूरा करने में जुटी हैं, वहीं श्रद्धालु भी नवरात्र के स्वागत के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं।


















