Chhapra: शारदीय नवरात्र की सप्तमी के पावन अवसर पर शहर के शैलफोर्ड इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में आयोजित समारोह में जिले के वरिष्ठ पत्रकार प्रभात किरण हिमांशु द्वारा रचित पुस्तक ‘सुकुरती… एक अनोखा संबंध’ का विमोचन किया गया।
पुस्तक का विमोचन शैलफोर्ड इंटरनेशनल स्कूलकी सचिव प्रीति सिंह, सिस्टर ज्योति, वरिष्ठ समाजसेवी इंदु प्रसाद, अर्चना श्रीवास्तव, रश्मि बाला व पंखुड़ी श्री ने संयुक्त रूप से किया।
पुस्तक में इंसान और एक बेजुबान जीव के बीच बने आत्मीय, निश्छल और संवेदनशील रिश्ते को केंद्र में रखा गया है।

पुस्तक के लेखक प्रभात किरण हिमांशु ने कहा कि ‘सुकुरती… एक अनोखा संबंध’ महज पन्नों और स्याही का संग्रह नहीं, बल्कि एक बेजुबान जीव और इंसान के बीच विकसित हुए प्रेम, विश्वास और आत्मीयता की जीवंत दास्तान है। उन्होंने कहा कि सच्चे प्रेम और संवेदना की कोई भाषा नहीं होती। इन्हें शब्दों से अधिक हृदय से महसूस किया जाता है।
मुख्य अतिथि इंदु प्रसाद ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी की रुचि लेखन व साहित्य में होना एक सुखद अनुभूति है। हिमांशु ने भी अपनी पुस्तक के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं के विभिन्न पहलुओं को बेहतर दृष्टिकोण के साथ कलमबद्ध किया है। सिस्टर ज्योति ने कहा कि साहित्य से व्यक्ति की चेतना का विकास होता है। अर्चना श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक कवि और लेखक समाज को नयी दिशा देते हैं। हिमांशु भी अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को प्रेरित कर रहे हैं।
शिक्षाविद प्रीति सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने विचारों को साझा किया. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश रंजन ने कहा कि लेखक व पत्रकार समाज का मजबूत स्तंभ है। राकेश कुमार, अमितेश कुमार, शत्रुघ्न श्रीवास्तव, सुशील कुमार, संकेत किरण अंशु, नवीन कुमार, दीप्ति व अनामिका ने भी अपने विचार रखे।
उन्होंने बताया कि पुस्तक के माध्यम से उन्होंने मनुष्य और पशु-पक्षियों के बीच बनने वाले उस भावनात्मक रिश्ते को सामने लाने का प्रयास किया है, जिसे अक्सर सामान्य जीवन की व्यस्तताओं के बीच नजरअंदाज कर दिया जाता है। सुकुरती के माध्यम से पाठकों को प्रेम, करुणा, अपनत्व और संवेदना के मानवीय पक्ष से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
समारोह में विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता, साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने पुस्तक के विषय और लेखक की इस साहित्यिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेजुबान जीवों के प्रति संवेदना और मनुष्यता का भाव समाज के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है।
समारोह के दौरान पुस्तक के विमोचन के साथ साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में लेखक के योगदान पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने पुस्तक के सफल प्रकाशन के लिए प्रभात किरण हिमांशु को शुभकामनाएं दीं।



















