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आम बजट से सारणवासियों को है उम्मीदें

Chhapra: वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को आम बजट पेश करेंगे. बजट को लेकर आम जनता भी आशाएं लगाये हुए है. सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार बजट में क्‍या खास पेश करने वाली है. इस बार का बजट कई मायनों में खास है. देश में वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) लागू किए जाने के बाद यह पहला बजट है.वही मोदी सरकार के लिए यह बजट 2019 में होने वाले लोकसभा आम चुनावों से पहले आखिरी बजट होगा. 

बजट को लेकर आम लोगों की क्या सोच है और उनको सरकार से क्या उम्मीदें है इसको हमने जानने का प्रयास किया. शहर के कई व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरी पेशा लोगों, गृहणियों से छपरा टुडे डॉट कॉम की टीम ने बातचीत की और बजट को लेकर उनके मन में उठ रहे सवालों को जाना.   

क्या कहते है आम लोग

रेडीमेड वस्त्र व्यापारी संजय कुमार रस्तोगी कहते है कि सरकार को जीएसटी के प्रावधानों को और भी सुगम कर छोटे व्यापारियों के पक्ष में बनाना चाहिए. मौजूदा व्यवस्था से छोटे व्यापारी को कोई फायदा नहीं दिखता. व्यापारी अपने व्यापार में ज्यादा ध्यान टैक्स देने की प्रक्रिया में लगायेंगे तो इसका असर व्यापार पर पड़ेगा. 

 

छात्र सुशांत कुमार कहते है कि बजट में छात्रों को लेकर कुछ घोषणाएं होनी चाहिए. एजुकेशन लोन आदि में छूट मिलनी चाहिए. सरकार को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

 

 

गृहणी मधु सिन्हा बताया कि बजट में गैस की कीमत को कम करना चाहिए ताकि गृहणियों को महंगाई से मुक्ति मिले. महिलाओं और बच्चियों के सुरक्षा को लेकर योजनाओं की शुरुआत होनी चाहिए.

 

 

सारण जिला स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा सभी व्यापारी वर्ग को नये बजट से काफी उम्मीदें हैं. सभी लोग इस कयास में है कि सरकार इस वर्ग के हित के लिए कुछ नया प्रावधान जरूर करेगी.

दैनिक रेल यात्री विमलेंदु कुमार ने बताया कि छपरा से सिवान, छपरा से पटना के लिए डीएमयू ट्रेन शुरू की जाए. जिससे दैनिक यात्रियों को लाभ मिल सके. साथ ही मौजूदा ट्रेन समय से चले इसके लिए व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है. 

किराना दुकानदार गोविंद जी ने बताया कि रोजमर्रा के उपयोग के वस्तुओं पर टैक्स कम कर जनता को महँगाई से राहत पहुंचाने की कोशिश करना चाहिए.

 

 

आम बजट से नौकरीपेशा लोगों को उम्मीदें है. मौजूदा टैक्स स्लैब के बढ़ने के अनुमान लोगों ने लगाए है. मध्यम वर्ग के लोग महंगाई को कम करने के उपायों पर जोर देने के पक्ष में दिखते है. खास कर घरेलू गैस, पेट्रोल की कीमतों को कम करने की मांग कर रहे है.

आम बजट में रेल बजट भी शामिल है ऐसे में रेल यात्रियों की भी उम्मीद जुड़ी है. नए ट्रेनों की मांग के साथ साथ किराए में कमी करने की मांग लोग करते आये है. बजट में सभी किराया कम होने की संभावना व्यक्त कर रहे है.

मोदी सरकार के पांच सालों के कार्यकाल के यह अंतिम पूर्ण बजट है. सरकार भी इस बार 2019 के आम चुनावों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम उठाएगी ऐसा आम लोगों का मानना है. हालांकि बजट कैसा होगा यह तो वित्त मंत्री के बजट पेश करने के बाद ही जाहिर हो सकेगा.

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