यूक्रेन के राष्ट्रपति का दर्द: सब डर गए, हमें रूस से लड़ने को अकेला छोड़ा

यूक्रेन के राष्ट्रपति का दर्द: सब डर गए, हमें रूस से लड़ने को अकेला छोड़ा

-जान देना स्वीकार पर आत्मसमर्पण नहीं कर रहे यूक्रेन के सैनिक
-18 से 60 वर्ष आयु वालों के देश छोड़ने पर रोक, सेना में होंगे शामिल

कीव: यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की का दर्द छलका है। उन्होंने कहा कि हर कोई डर गया है और हमें (यूक्रेन को) रूस से लड़ने के लिए अकेले छोड़ दिया गया है। उन्होंने आत्मसमर्पण न करने और रूस से मुकाबला करने का संकल्प दोहराया है।

यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के दूसरे दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले में यूक्रेन के 137 लोगों के मारे जाने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि दुनिया में हर कोई रूस से डर रहा है। उनके देश को रूस से लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया गया है। हमारे साथ लड़ने के लिए कोई नहीं खड़ा है। इसके बावजूद हम लड़ाई लड़ रहे हैं और लड़ेंगे। लगातार बढ़ रहे हमले के मद्देनजर यूक्रेन ने रूस के खिलाफ अपने देश के आम लोगों को भी युद्ध के मैदान में पहुंचने का निर्देश जारी कर दिया है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कल सेना भर्ती खोलने का एलान किया था। दूसरे दिन उन्होंने आम लोगों की सैनिकों के तौर पर तैनाती का आदेश देते हुए 18 से 60 वर्ष आयु के लोगों के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है।

रूसी चेतावनियों के बावजूद यूक्रेन के सैनिक आत्मसमर्पण नहीं कर रहे हैं। एक द्वीप पर यूक्रेन के 13 सैनिकों ने रूसी सेना के आगे आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद रूसी युद्धपोत ने उन्हें मार दिया।

इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के दो और एयरक्राफ्ट मार गिराए हैं। उसका दावा है कि अब तक रूस के सात एयरक्राफ्ट, छह हेलीकॉप्टर और 30 टैंकों को यूक्रेन की सेना द्वारा उड़ाया जा चुका है।

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