भारत-रूस शिखर वार्ता: 2030 तक 100 अरब डॉलर करेंगे व्यापार, सहयोग के 9 दस्तावेजों को स्वीकारा

नई दिल्ली, 9 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने 22वीं द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा आपसी व्यापार को वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया।

दोनों देशों ने संपर्क सुविधाएं बढ़ाने के लिए चेन्नई वल्दिवस्तक समुद्री गलियारे पर भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत यूरेशिया आर्थिक संघ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने का भी फैसला किया।

शिखरवार्ता के दौरान दोनों देशों ने सहयोग के 9 दस्तावेजों को स्वीकार किया। इनमें रूस के सदूर पूर्व में सहयोग तथा ध्रुवीय अनुसंधान संबंधी करार शामिल हैं। दोनों पक्षों ने औषधि व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ही व्यापारिक संगठनों के बीच सहयोग संबंधी करार भी किए।

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने दोनों देशों के बीच हुई वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव में हवाई हमले में बच्चों की मौत की घटना के बारे में मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को अपनी चिंता से अवगत कराया। मोदी ने इसे एक हृदय विधारक घटना बताया।

विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पुतिन का ध्यान रूसी सेना में लगाए गए कुछ भारतीयों की ओर आकृष्ट कराया तथा उन्हे सेवा मुक्त कर भारत भेजे जाने पर जोर दिया। समाप्त

0Shares
A valid URL was not provided.