शिक्षकों के होली की छुट्टी पर ग्रहण, 25 से 30 मार्च तक होगा प्रशिक्षण
शिक्षकों के होली की छुट्टी पर ग्रहण, 25 से 30 मार्च तक होगा प्रशिक्षण
Bihar: आईएएस केके पाठक के रहने तक शिक्षा विभाग विवादों में ही रहेगा, यह साफ हो गया है। अब राज्यकर्मी स्कूल शिक्षकों को होली की छुट्टी नहीं देने का उपाय किया गया है। 25 से 30 मार्च के दरम्यान राज्य के 19 हजार शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए चिट्ठी जारी की गई है।
राज्यकर्मी स्कूल शिक्षकों के लिए रक्षा बंधन और दुर्गा पूजा के बाद अब होली की छुट्टी पर भी ग्रहण लगता दिख रहा है। केके पाठक ने राज्यकर्मी स्कूल शिक्षकों को होली की छुट्टी नहीं देने का निर्णय लिया है। क्यों कि शिक्षा विभाग ने 19 हजार शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए चिट्ठी जारी किया है, जिसके अनुसार उन्हें 25 से 30 मार्च तक ट्रेनिंग लेना अनिवार्य किया गया है।
जानिए क्या लिखा है शिक्षकों के लिए जारी किये गये पत्र में
बिहार के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सीटीई, डायड, पीटीईसी एवं बाईट के प्राचार्यों को बिहार सरकार के राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने पत्र जारी किया है जिसमें लिखा है कि 25 मार्च 2024 से 30 मार्च 2024 तक होने वाले 6 दिवसीय आवासीय FLN प्रशिक्षण के लिए कक्षा 1 से 5 तक के वैसे शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति करना है, जिन्होंने पूर्व में कक्षा 1- 2 एवं कक्षा 3 से 5 तक प्रशिक्षण नहीं लिया हो। अगर उस कोटि के शिक्षक उपलब्ध नहीं हो पाए तो इस स्थिति में 3 जुलाई 2023 से बुनियाद-1 के प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को भी भेजा जा सकता है।
जानिए क्या है समय
उस पत्र में आगे लिखा है कि प्रशिक्षु प्रशिक्षण की पूर्व संध्या यानी 24 मार्च 2024 को निर्धारित किए गए प्रशिक्षण संस्थान में योगदान करें। प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन 24 मार्च 2020 की सुबह 5:00 से प्रारंभ हो जाएगा। 25 मार्च 2024 की सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक योगा यानी पीटी होगा। इसके बाद प्रशिक्षण 8:30 बजे से शुरू होकर शाम के 7:30 बजे तक चलेगा।
ड्रेस भी किया गया निर्धारित
प्रतिभागी शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान परिधान भी निर्धारित किये गये हैं। पुरुष शिक्षक फॉर्मल ड्रेस यानी पैंट शर्ट एवं टाई में रहेंगे, जबकि शिक्षिका सलवार, कुर्ता और साड़ी में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। साथ ही पीटी एवं योगा सत्र के दौरान सफ़ेद या ब्लू पेंट एवं शर्ट में रहेंगे। साथ ही यह भी लिखा है कि इसे इसे अति आवश्यक समझें।
सोशल मीडिया पर लोग देने लगे प्रतिक्रिया
शिक्षा विभाग के द्वारा जारी किये पत्र के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग की डोलडंप नीति की वजह से शिक्षक छुट्टियों पर कोई प्लानिंग नही बना पा रहे हैं। अपने परिवार के पास जाने के लिए रिजर्वेशन करवाने के बाद उसे कैंसिल करवाना पड़ रहा है।
शिक्षिकाओं के लिए खतरा बढ़ने की आशंका
सोशल मीडिया पर की जाने वाली प्रतिक्रियाओं में महिला शिक्षिकाओं के संबंध में कहा जा रहा है कि सुदूर देहाती क्षेत्रों में दूसरे जिले की महिलाओं की पोस्टिंग बड़े पैमाने पर की गई है। होली में उनके साथ अपराधिक प्रवृत्ति के लोग कुछ भी घटना कर सकते हैं। राजधानी पटना में जब महिलाओं के चेन छीन लिए जाते हैं तो सुदूर गांवों में परदेसी महिलाओं के साथ क्या होगा? पहले छुट्टी रद्द करो, उसके बाद राजनीतिक पार्टियां और शिक्षा विभाग के अफसरों एवं शिक्षा मंत्री को फोन करेंगे और तब छुट्टी में संशोधन होगा, यह लगातार दिख रहा है। जब शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दे दिया गया तो बिहार के राज्यकर्मियों की तरह शिक्षकों को छुट्टियां क्यों नहीं दी जा रहीं?
महापुरुषों की जयंती पर राजकीय छुट्टी के बाद भी शिक्षकों को ड्यूटी
शिक्षा विभाग उन तमाम महापुरुषों आदि की जयंती आदि के अवकाश को भी छुट्टियों में गिनता है, जबकि इस अवसर पर स्कूल खुले रहते हैं और शिक्षकों को स्कूल जाना पड़ता है। बिहार दिवस के दिन भी स्कूलों में कहने को तो छुट्टी है लेकिन उस दिन कई स्कूल बच्चों के बीच पेटिंग आदि का कार्यक्रम कराने की प्लानिंग बना रहे हैं।
विभाग की हो रही छवि खराब
छुट्टियों पर काफी किच-किच कर विभाग की छवि बन रही कि वह स्कूल में खूब पढ़ाई कराना चाहता है और शिक्षक पढ़ाने से भागते हैं। शिक्षकों की छवि खराब हो रही है इससे उनमें काफी निराशा ही नहीं हो रही बल्कि शिक्षक मानसिक प्रताड़ना के भी शिकार हो रहे हैं।
गांधी सेतु के समानांतर दूसरे पुल को 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य: पथ निर्माण मंत्री
Patna: बिहार के लिए लाइफ लाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु के समांतर बनने वाले पुल का निर्माण तय सीमा में ही पूरा किया जाएगा. इसके लिए काम शुरू हो चुका है. पुल का निर्माण 42 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है. ये बातें पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडे और प्रदेश के पूर्व पथ निर्माण मंत्री सह स्थानीय विधायक नंदकिशोर यादव ने बुधवार की सुबह पुल निर्माण स्थल का निरीक्षण करने के दौरान कहीं.
दोनों नेता बुधवार की सुबह ही पटना सिटी के गायघाट पहुंचे. गांधी सेतु के बगल में बनने वाले नए पुल के निर्माण कार्यों का दोनों ने जायजा लिया. पुल निर्माण कंपनी द्वारा गायघाट में बनाए गए कार्यालय सह कंट्रोल रूम का भी उन्होंने मुआयना किया. पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि महात्मा गांधी सेतु के पश्चिम में बनने वाले फोरलेन के सेतु का निर्माण कार्य आरंभ हो चुका है.
हाजीपुर के वैशाली क्षेत्र और पटना क्षेत्र में स्कूल के दोनों सिरे का निर्माण कार्य सुचारू रूप से चले, इसके लिए विभागीय अभियंताओं के साथ बातचीत की जा रही है. उन्होंने कहा कि गंगा पर बनने वाले इस दूसरे महात्मा गांधी सेतु का निर्माण तय समय सीमा में पूरा हो जाएगा. कहीं कोई अड़चन नहीं है. सेतु निर्माण के लिए पटना क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का भी कोई मामला नहीं है. पुल निर्माण के लिए आवश्यक जगह और लेन पूरी तरह से खाली है.
पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि महात्मा गांधी सेतु के समानांतर गंगा पर बनने वाला फोरलेन पुल बिहार के विकास में बड़ी मजबूत कड़ी साबित होगा. 1800 करोड़ रुपए से बनने वाला यह पुल 42 महीनों में तैयार कर लेने का लक्ष्य है. उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस पुल से यातायात व्यवस्था सुगम हो जाएगी. विकास की रफ्तार तेज होगी. उन्होंने कहा कि बिहार आत्मनिर्भर बनने के लिए तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है.
मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली की जनता को गांधी सेतु पर बनने वाले इस दूसरे पुल का लाभ मिलेगा. उनके लिए राजधानी पहुंचना तथा राजधानी से उत्तर बिहार होते हुए दूसरे राज्यों तक आना जाना बेहद आसान हो जाएगा.
निवर्तमान पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि गांधी सेतु के समानांतर बनने वाला पुल प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के लिए घोषित विशेष पैकेज का हिस्सा है. इस पुल का शिलान्यास बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने किया था. उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. निर्माण एजेंसी तथा विभागीय अभियंताओं से बातचीत कर चल रहे निर्माण कार्य से संबंधित जानकारियां ली गई हैं. अगले एक माह में पुल के निर्माण कार्य में और तेजी आएगी. इसके लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं.
राजधानी को वैशाली से जोड़ने वाले मौजूदा महात्मा गांधी सेतु के नवनिर्मित पश्चिमी लेन से ही उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के लिए वाहनों की आवाजाही जारी है. एक लेन पर ही वाहनों का परिचालन होने से जाम की समस्या बनी रहती है. गांधी सेतु के पूर्वी लेन के सुपर स्ट्रक्चर को काटने का कार्य जारी है. हाजीपुर क्षेत्र के पाया संख्या एक से इस लेन को काटने का प्रारंभ हुआ कार्य जारी है. कुल 46 पायो के सुपरस्ट्रक्चर को काटने के बाद सेतु के पुराने पायो पर ही पश्चिमी लेन की तरह जंगरोधी लोहे से नए पुल के सुपर स्ट्रक्चर का पुनर्निर्माण किया जाएगा. इस काम के लिए विभाग ने 18 महीने का लक्ष्य रखा है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि तय समय सीमा से पहले ही पूर्वी लेन का पुनर्निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
परमानंदपुर में अंडर पास नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने फोरलेन का निर्माण कार्य रोका
सोनपुर: सोनपुर प्रखंड स्थित परमानंदपुर में नवनिर्मित फोरलेन पर अंडर पास का निर्माण नही कराए जाने को लेकर परमानंदपुर पंचायत के नाराज लोगों ने रविवार को परमानंदपुर से फोरलेन जाने वाले सड़क को जाम कर दिया तथा गुस्साए ग्रामीणों ने निर्माणाधीन फोरलेन पर हो रहे कार्य को भी बन्द करा दिया.
ग्रामीणों ने बताया कि परमानंदपुर स्टेशन के सामने अंडर पास पुल बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सारण के जिलाधिकारी, एनएचएआई अधिकारी, परियोजना पदाधिकारी समेत कई पदाधिकारी को इस समस्या को लेकर पूर्व में अवगत कराया गया था. इसके बावजूद भी अंडरपास का निर्माण नहीं किया जा रहा है. आक्रोशित लोगों ने कहा कि इस स्थिति में शिकारपुर, मकदूमपुर आदि कई गांवों के लोगो को फोरलेन पार करके घर जाना होगा जो खतरे से खाली नही है. इससे आए दिन कोई न कोई दुर्घटना घटेगी जिसको लेकर ग्रामीण चिंतित हैं.
वहीं सड़क अवरुद्ध कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ में जमकर नारेबाजी की तथा फोरलेन पर हो रहे कार्य को भी अवरुद्ध करा दिया. सभी ग्रामीणों ने एक आवाज में कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक कार्य बाधित रहेगा.
इस दौरान प्रदर्शन करने वाले में मुख्यरूप से परमानंदपुर पंचायत के सरपंच अवधेश राय, हरिवंश राय, अशोक राय, अमरनाथ राय, सुदीश राय, राजकुमार राय, जनार्दन शर्मा, नागेंद्र राय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
पिता को आया गुस्सा, गंगा में फेंकने चला बेटे-बेटी को, जानिए फिर क्या हुआ
पटना: दीघा में गुस्से में आकर अपने सात साल के बेटे ओर तीन साल की बेटी को गंगा जी में फेंकने जा रहे बाप को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उसने सात साल के बेटे पीयूष को बाेला था कि वह रोज अखबार पढ़े और 20 बार दंड बैठक करे. लेकिन शनिवार को पीयूष ने दंड बैठक नहीं किया. पिता के पूछने पर उसने झूठ बोल दिया. इसके बाद शत्रुघ्न गुस्से में आ गया. घर में लड़ाई हुई. फिर वह पीयूष और तीन साल की बेटी को बाइक पर बैठा कर गंगा जी में फेंकने ले जा रहा था. इस दौरान लोगों ने हल्ला किया. पुलिस को सूचना दी गयी.
गंगा किनारे पहुंची पुलिस ने उसे पकड़ा और थाने लायी. पुलिस ने समझाया और एक बांड भरवा कर उसे छोड़ दिया. लोगों का कहना है कि शत्रुघ्न काफी गुस्सैल है. अगर समय पर पुलिस ने नहीं पहुंचती, तो वह बच्चों को गंगा में फेंक देता. फिलहाल दोनों को बचा लिया गया है.
एक मार्च को गांधी मैदान में जदयू के कार्यकर्ता सम्मेलन, जिले से बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता होंगे शामिल
Chhapra: आगामी 1 मार्च को पटना के गांधी मैदान में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में जिले से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे. जिसको लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है.
रविवार को जदयू जिला अध्यक्ष अल्ताफ आलम राजू के नेतृत्व में शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक की गई. बैठक के बाद प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए श्री राजू ने कहा कि विगत वर्ष गांधी मैदान में एक लाख जदयू कार्यकर्ताओं ने भाग लिया था इस वर्ष यह संख्या 2 लाख की है. पूरे जिले से हजारों की संख्या में जदयू कार्यकर्ता भाग लेंगे जिसको लेकर सभी प्रकोष्ठ की तैयारी शुरू हो चुकी है. कार्यकर्ता सम्मेलन में बूथ अध्यक्ष, सचिव, कार्यकर्ताओं के साथ पंचायत अध्यक्ष, सचिव को मेरे द्वारा निमंत्रण दिया जा रहा है. जिससे कि इस कार्यकर्ता सम्मेलन में सारण जिले की भागीदारी बेहतर हो सके.
उधर जदयू युवा इकाई ने छपरा सिर्किट हाउस में अपने सभी प्रखंड अध्यक्षो की अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई. बैठक आगमी 1 मार्च को आयोजित गाँधी मैदान पटना में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का आह्वान किया गया. बैठक में एकमा नगर परिषद संजोयक युवा जदयू रोहीत ओझा को बनाया गया, सोनपुर से जितेंद्र सिंह जीतू को जिला का महासचिव बनाया गया.
इसके अलावे सभी प्रखंड अध्यक्षो को अपने अपने पंचायत अध्यक्ष के साथ गाड़ी पर युवा जदयू का झंडा, पोस्टर और सभी युवा साथी को बैच लगाकर पटना चलने की रणनीति बनाई गयी. इस अवसर पर सभी प्रखंड अध्यक्षो के बीच गाड़ी के अनुसार से झंडा, पोस्टर और बैच का वितरण ज़िलाध्यक्ष डॉ विशाल सिंह राठौर द्वारा किया गया.
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष में मुख्य रूप से शैलेश कुमार सिंह, संजीव चौरसिया, संजीत रॉय, जितेंद्र राय, सतीश ठाकुर, जितेंद्र कुशवाहा, संजीव कुशवाहा, बिनोद पटेल, पवन कुमार सिंह, ऋषिरंजन कुमार, रोहित ओझा, विकेश प्रताप सिंह, अरुण सिंह, अनुपम सिह, तरुण कुमार सिंह और जिला अनुसाशन समिति के दिलीप कुमार चौधरी, पवन कुमार श्रीवास्तव, दीपक हुड्डा इत्यदि मुख्य रूप से थे.
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रखंड अध्यक्षो ने कुल 67 छोटी गाड़ी और 2 बस तथा 25 मोटसाइकिल से सिर्फ प्रखंड अध्यक्ष की टीम पटना के लिये शिरकत करेगी. सभी को इस बेहतरीन तैयारी के लिये ज़िलाध्यक्ष डॉ विशाल सिह राठौर ने धन्यवाद दिया और बताया कि ये तो सिर्फ प्रखंड अध्यक्षो की तैयारी है, अभी ज़िले के सभी पदाधिकारी की अलग बैठक की जायेगी उम्मीद है कि युवा जदयू सारण ज़िला अपने नेतृत्व में लगभग 112 गाड़ी का काफिला लेकर 1 मार्च को अपने नेता नीतीश कुमार जी के आह्वान पर पटना पहुचेगा.
यहां मिल रहा 35 रुपये किलो प्याज़, आईकार्ड दिखाकर करें खरीददारी
Bihar: अगर आप प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान है तो अब आपको चिंता करने की जरूरत नही है. कम कीमत पर प्याज के लिए बस आपको कुछ शर्तों को पूरा करना होगा. इसके एवज में आपको मात्र 35 रुपये किलो के दर से प्याज मिलेगा. हालांकि इसका लाभ लेने के पटना पहुंचना होगा. प्याज़ की बिक्री को लेकर बिस्कोमान में नीचे काउंटर बनाया गया है. जहाँ से इसकी खरीददारी की जा सकती है.
प्याज की आसमान छूती कीमतों से परेशान हैं तो अब अपनी चिंता छोड़ दीजिए. बिस्कोमान पटना में 35 रुपये किलो प्याज मुहैया कराने जा रहा है. हालांकि इसको लेकर शर्त रखी गयी है. जिसके अनुसार खरीददारों को 2 किलो से ज्यादा प्याज नहीं मिल सकेगा. साथ ही साथ खरीददार को अपना पहचान पत्र भी दिखाना पड़ेगा.
कालाबाजारी पर अंकुश कसने के लिए बिस्कोमान के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने यह पहल की है.
बिस्कोमान द्वारा इसके पूर्व छठ में कम कीमत पर कश्मीर का सेब और आंध्रप्रदेश का नारियल पटना वासियों को मुहैया करा कर वाहवाही लूटी गई थी. अब प्याज के बढ़े कीमतों के बीच 35 रुपये प्रति किलो प्याज उपलब्ध कराने की पहल का स्वागत हो रहा है.
रेड क्रॉस ने पटना भेजा फ़ूड पैकेट्स
Chhapra: भारी बारिश के कारण पटना में उत्पन्न समस्या को लेकर सामाजिक संगठनों सहायता पहुंचाई जा रही है.
मंगलवार को इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा छपरा द्वारा 900 पैकेट को तैयार कर पटना भेजा गया. पैकेट में चुड़ा, गुड़ और बिस्किट रखे गए थे.
इस कार्य में रेड क्रॉस युथ के सदस्यों ने युद्ध स्तर पर कार्य किया. छपरा शहर में भी पानी लगे होने के बावजूद खरीददारी करके पैकेट तैयार किया गया.
जिसमें युवा सदस्य आलोक राज, अमन सिंह, विकास कुमार, मोनू कुमार, पंकज और यूथ इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के युवा जिला सचिव अमन राज ने पूरी लगन से कार्य किया.
फ़ूड पैकेट्स को भेजने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन का प्रबंध कराया गया. जिससे समय से रेड क्रॉस के युवा सदस्यों के द्वारा राहत सामग्री पटना लेकर गए.
सहायता वाहन को रेड क्रॉस के जिला सचिव जिन्नत मसीह एवं कोषाध्यक्ष डॉ सुरेश प्रसाद सिंह ने संयुक्त रुप से हरी झंडी दिखा कर पटना के लिये रवाना किया.
इस अवसर पर कई रेड क्रॉस छपरा और युथ रेड क्रॉस के सदस्य उपस्थित थे.
फेसबुक के जरिये शारदा सिन्हा ने लगाई बचाव की गुहार, कहा काश एयरलिफ्ट की होती सुविधा
पटना: पानी से बिहार के कई जिलों में हाहाकार है. राजधानी समेत कई जिलों में नदी के साथ साथ बारिश का पानी कहर बरपा रहा है. ऐसे में जो जहाँ है वही से बचाव और राहत की गुहार लगा रहा है.
बिहार की सुप्रसिद्ध गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित शारदा सिन्हा ने भी बचाव की गुहार लगाई है.
पटना के राजेन्द्र नगर में फंसी शारदा सिन्हा ने फेसबुक पर लिखा है कि उन्हें मदद की जरूरत है. NDRF तक पहुंचने में भी परेशानी है. काश भारत मे एयरलिफ्ट की सुविधा होती. कोई रास्ता हो तो बताए.
पटना में रह रही स्वर कोकिला का सोशल मीडिया पर इस तरह अपने बचाव और मदद के लिए लिखना पटना में प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है.
जिस तरह से बारिश और बाढ़ को लेकर प्रशासन ने अपनी मुस्तैदी का प्रचार प्रसार किया है ऐसे में शारदा सिन्हा का पोस्ट बहुत कुछ बयां कर रहा है.
शिक्षक ने हासिल की बीपीएससी में सफलता, बने नगर कार्यपालक पदाधिकारी
Chhapra: बिहार लोक सेवा आयोग की 56-59वीं परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है. परीक्षा परिणाम घोषित होने के साथ ही शीतलपुर निवासी जय राम प्रसाद के परिवार में खुशी छा गयी.
पेशे से सरकारी विद्यालय में 1994 बैच के शिक्षक जय राम प्रसाद ने अपनी दूसरे प्रयास में बीपीएससी 56-59वीं मेन में सफलता हासिल किया है. सफलता के बाद इन्हें नगर कार्यपालक पदाधिकारी का पद मिला है.
शीतलपुर के मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षक जय राम प्रसाद बताते है कि बीपीएससी की परीक्षा पास कर उन्होंने शिक्षक की नौकरी प्राप्त की. लेकिन आगे बढ़ने की ललक ने उन्हें पुनः परीक्षा देने के लिए विवश किया.
श्री प्रसाद को जानने वाले बताते है कि एक शिक्षक के रूप में प्रतिदिन विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देना, साथ ही साथ साक्षरता कार्यक्रम के लिए सोनपुर प्रखंड में केआरपी के पद पर रहकर साक्षरता कार्यक्रमों को संचालित करने के बाद बचे समय मे वह तैयारी करते थे.
यह दृढ़ संकल्प ही था कि प्रत्येक रविवार पटना जाकर पढ़ाई करना और पुनः घर आना. 3 वर्षो के अथक प्रयास के बाद जय राम प्रसाद को सफलता मिली है. हालांकि वह इस सफलता से थोड़े असंतुष्ट है. क्योकि उनकी मंजिल इससे ऊँचे पद की थी. जिसके लिए वह प्रयासरत रहेंगे.इसके पूर्व जय राम प्रसाद ने इंटरव्यू तक का सफ़र तय किया है.
श्री प्रसाद की पत्नी पेशे से शिक्षिका है. वही बेटी पढाई कर रही है.
पटना-मोकामा सवारी गाड़ी में लगी आग, इंजन के साथ पांच बोगियां जलीं
Mokama: बीती रात मोकामा स्टेशन पर खड़ी पटना-मोकामा सवारी गाड़ी की 5 बोगियां धू-धू कर जल उठी. घटना मध्यरात्रि की है जब मोकामा रेलवे स्टेशन के यार्ड में खड़ी पटना-मोकामा सवारी गाड़ी के एक डब्बे में अचानक आग लग गयी. देखते देखते आग ने ट्रेन की चार और बोगियों को अपने लपेटे में ले लिया.
हालांकि यार्ड में खड़े होने के कारण ट्रेन मव कोई यात्री मौजूद नहीं था. आग का पता उस समय चला जब रात्रि 1:00 बजे किसी रेलवे स्टाफ ने ट्रेन की एक बोगी से आग की लपटें उठती देखी. जिसके तुरत बाद अन्य बोगियां भी आग के आगोश में आ गयीं.
आग लगने के बाद रेलवे कर्मचारी व जीआरपी के कुछ जवान आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन नाकाम रहे. पटना-मोकामा के बीच चलने वाली यह सवारी गाड़ी रात के करीब 11 बजे मोकामा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4 पर पहुंची. जिसके बाद ट्रेन को यार्ड में भेज दिया गया था. आग लगने कारणों का पता नहीं चल सका है.
8 जनवरी तक मैट्रिक प्रायोगिक परीक्षा के प्रवेश पत्र में कराएं ऑनलाइन सुधार
Chhapra:मैट्रीक प्रायोगिक परीक्षा के प्रवेश पत्र में किसी भी प्रकार की त्रुटी को 4 से आठ जनवरी तक ऑनलाइन सुधार कराया जा सकता है. यह प्रवेश पत्र सिर्फ प्रायोगिक परीक्षा के लिए ही है. सैद्धांतिक परीक्षा के लिए बोर्ड अलग से प्रवेश पत्र जारी करेगा.
मैट्रिक की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र को बुधवार से ऑनलाइन डाउनलोड किया जा रहा है. बोर्ड की वेबसाइट से एडमिट कार्ड को डाउनलोड कर संबंधित स्कूलों के एचएम हस्ताक्षर, मुहर के बाद परीक्षार्थी को बांटेंगे.
बताते चलें कि इस बार प्रायोगिक परीक्षा के लिए अनुमंडलवार बनाए गये डेढ़ दर्जन केन्द्रों पर 22 से 24 जनवरी के बीच प्रैक्टिकल की परीक्षा ली जाएगी.
साथ ही साथ इंटर की प्रायोगिक परीक्षा भी 11 जनवरी से शुरू होनी है. ऐसे में जन छात्रों ने 22 से 26 दिसंबर के बीच विलंब शुल्क के साथ भरा है. उनका भी एडमिट कार्ड बोर्ड की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है.