भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बातचीत की ओबामा, शरीफ ने की वकालत

वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का और नियंत्रण रेखा पर हिंसा का मुद्दा भी आया और दोनों नेताओं ने सभी लंबित मुद्दों के समाधान के लिए ‘सतत और लचीली’ भारत-पाक वार्ता प्रक्रिया की वकालत की.

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी दोनों नेताओं के संयुक्त बयान में भारत-पाक वार्ता का उल्लेख था और साथ ही कश्मीर समेत दोनों देशों के बीच सभी लंबित मुद्दों के समाधान की जरूरत का जिक्र था. बयान के मुताबिक ओबामा और शरीफ ने इस बात को रेखांकित किया कि पाकिस्तान-भारत द्विपक्षीय संबंधों में सुधार से क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए संभावनाएं वृहत्तर तरीके से बढ़ेंगी. दोनों नेताओं ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताई और दोनों पक्षों को स्वीकार्य प्रभावी प्रणाली तथा विश्वास बहाली के कदमों के लिए समर्थन जताया. शरीफ ने ओबामा को लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठनों समेत संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित लोगों और संगठनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के पाकिस्तान के संकल्प से भी अवगत कराया. पाकिस्तान के मौजूदा परमाणु शस्त्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच दोनों नेताओं ने परमाणु आतंकवाद के बने हुए खतरे पर भी चर्चा की तथा इस तरह के हथियारों के उत्पादन की गति पर भी फिक्र जताई.

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