आरोग्य दिवस पर कोविड प्रोटोकॉल का किया जा रहा है पालन

आरोग्य दिवस पर कोविड प्रोटोकॉल का किया जा रहा है पालन

• एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जा रहा है जागरूक

• आरोग्य दिवस पर कोविड प्रोटोकॉल का किया जा रहा है पालन

• टीकाकरण सत्र पर आने वाले लाभार्थियों को किया जा रहा प्रेरित

Chhapra: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के रोक थाम के लिए स्वास्थ्य विभाग कृत संकल्पित है। विभाग के द्वारा हर स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आयोजित किये जाने वाले आरोग्य दिवस पर भी लाभार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। टीकाकरण सत्र पर आने वाले महिलाओं बच्चों व उनके परिजनों को कोरोना से बचाव के लिए जारी संदेशों को अनुपालन करने के लिए एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा जागरूक किया जा रहा है। जिले के दरियापुर प्रखंड के यदुरामपुर में आयोजित आरोग्य दिवस पर कार्यरत एएनएम कुमारी अनिता ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए अभी सावधानी हीं बेहतर विकल्प है। क्योंकि फिलहाल इसका वैक्सीन नहीं आया है। इसलिए जरूरी है कि जब भी घर से बाहर निकलें तो चेहरे पर मास्क जरूर लगाये। भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचें। अपने हाथों को नियमित रूप से धोते रहें। सतर्कता बहुत जरूरी है।


बच्चों व महिलाओं को किया प्रतिरक्षित
दरियापुर के केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक शशांक शेखर ने बताया कि आरोग्य दिवस पर आने वाले बच्चों व गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया गया तथा नियमित टीकाकरण के महत्व पर चर्चा की गयी। एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा महिलाओं की काउंसलिंग भी की गयी। जिसमें नवजात शिशुओं के विशेष देखभाल पर जोर दिया गया। साथ हीं टीकाकरण स्थल पर आनेवाली महिलाओं को परिवार नियोजन के बारे में जानकारी दी गयी तथा स्थाई व अस्थाई साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित भी किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आनेवाली महिलाओं के बीच इच्छानुसार परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों का नि:शुल्क वितरण भी किया गया।


टीकाकरण से कई तरह की बीमारियों से होता है बचाव
सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया कि शिशुओं व गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाता है। टीकाकरण से बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाता है ताकि उनके रोग से लड़ने की क्षमता विकसित हो सके। गर्भवती व नवजात को डिप्थीरिया से बचाने के लिए टीडी के दो टीके दिए जाते हैं। टीबी से बचाने के लिए बीसीजी, हेपेटाइटिस से बचाने के लिए हेप-बी, पोलियो से बचाव के लिए ओपीवी एवं आईपीवी, डिप्थीरिया, परट्यूसिस, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी व हिमोफिलेस इंफ्लुएंजी से बचाव हेतु पेंटावेंट, डायरिया से बचाव हेतु रोटा वायरस का टीका, न्यूमोकोकस के संक्रमण से बचाव हेतु पीसीवी, खसरे व रुबेला से बचाव हेतु एमआर और जापानी बुखार से बचाव के लिए जेई का टीका लगाया जा रहा है।

शारीरिक दूरी का रखा जा रहा ख्याल
टीकाकरण के दौरान सभी स्वास्थ्य कर्मियों लाभार्थियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षात्मक यथा: सभी स्तर पर व्यक्तिगत दूरी, कम से कम 6 फीट की दूरी, मुंह को ढक कर रखने, हाथ धोने एवं स्वास्थ्य संबंधित दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

कोरोना काल में इन उचित व्यवहारों का करें पालन 
• एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें
• सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें
• अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं
• आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें
• छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें

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