सीएम शराब की जानकारी लेने का कार्य जनप्रतिनिधियों से कराए, शिक्षकों का यह कार्य नही : पुनीत रंजन

सीएम शराब की जानकारी लेने का कार्य जनप्रतिनिधियों से कराए, शिक्षकों का यह कार्य नही : पुनीत रंजन

सीएम शराब की जानकारी लेने का कार्य जनप्रतिनिधियों से कराए, शिक्षकों का यह कार्य नही : पुनीत रंजन

Chhapra: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा शिक्षकों से शराब की बिक्री एवं सेवन करने वाले लोगों की निगरानी करने संबंधी जारी पत्र के बाद शिक्षकों में आक्रोश है. शिक्षक संघ इस पत्र को अविलंब रद्द करने की मांग कर रहे हैं, अन्यथा वह आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं. शनिवार को शिक्षक संघ द्वारा इस पत्र का कड़ा विरोध किया गया.

जारी पत्र को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव पुनीत रंजन ने कहा कि राज्य सरकार के मुखिया ने सूबे में शराबबंदी कानून लाया है, जिसको शत-प्रतिशत लागू करने को लेकर उनके ही शीर्ष पदाधिकारी इसका माखौल उड़ा रहे हैं. शिक्षक शिक्षण के लिए है ना कि शराब का सेवन और उसकी बिक्री करने वालों की निगरानी के लिए.

श्री रंजन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की सरकार सूबे में शिक्षा व्यवस्था चौपट करने का मन बना चुकी है. लगातार शिक्षकों से शिक्षण के बदले गैर शैक्षणिक कार्य जनगणना, पशु गणना, सहित दर्जनों कार्यों के साथ अब शराब बेचने और शराब की सेवन करने वाले लोगों की जानकारी एकत्रित करने के लिए प्राथमिक से लेकर महाविद्यालय तक के शिक्षक शिक्षिकाओं को लगाने का निर्देश दिया है.

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह इस कार्य में जनप्रतिनिधियों को शामिल करें. जिनका अपने क्षेत्र समुदाय में अलग ही प्रभाव रहता है. त्रिस्तरीय पंचायत के प्रतिनिधियों से इस कार्य को कराने का निर्देश एवं आदेश जारी करने का आग्रह करते हुए श्री रंजन ने कहा कि यह कतई शिक्षकों का कार्य नहीं है. राज्य सरकार और उनके पदाधिकारी इस आदेश पर पुनर्विचार करें और रद्द करें. अन्यथा की स्थिति में शिक्षक आंदोलन के मूड में है अगर यह कार्य जल्द नहीं किया गया तो जल्दी ही एक रणनीति के तहत शिक्षकों का आंदोलन प्रारंभ होगा.

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