नैतिकता का ह्रास समाज में व्याप्त बुराइयों का जड़

छपरा: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रागंन में हुआ.

‘भारत में नैतिक मूल्यों की स्थापना’ विषयक इस कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि हरिकिशोर पाण्डेय, के.के. दिवेदी सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, सुरेश प्रसाद सिंह एवं डॉ. सुधा बाला ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. bvm

विद्यालय के प्राचार्य रामदयाल शर्मा ने कार्यशाला की भूमिका रहते हुए कहा कि नैतिक मूल्यों का ह्रास ही समाज के हर क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार का कारण बन गया है. उन्होंने कहा कि हमें शिक्षा तो मिल रही है परन्तु उसमे से नैतिकता गायब है. पहले हमें नैतिक मूल्यों की शिक्षा घरों, समाज और विद्यालय में मिल जाती थी. जिस कारण से हम पर्यावरण के प्रति जवाबदेह थे पर धीरे धीरे हम इन सब को भूलते गए और हमें ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या से जूझना पड़ रहा है. bvm3

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल संरक्षण, सेवा भाव, स्वच्छता मूल मंत्र था पर आज हांथ धोकर खाने की जानकारी देने के लिए सरकार को योजना चलानी पड़ रही है. यह नैतिक मूल्यों में आयी गिरावट को दर्शाती है.

मुख्य वक्ता प्रो. के.के. दिवेदी ने कहा कि शिक्षा में नैतिकता की जरुरत है जब नैतिकता ही समाप्त हो जाएगी तो शिक्षा का कोई औचित्य नहीं रह जायेगा.

जो कल्पनाशील नहीं वह शिक्षक नहीं हो सकता
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य हरिकिशोर पांडे ने कहा कि आज की शिक्षा में कंप्यूटर की महत्ता बढ़ गयी है और कहा जा रहा है कि वह शिक्षक से अच्छा काम करता है. उन्होंने कहा कि जो कल्पनाशील नहीं हो सकता, वह शिक्षक नहीं हो सकता और कंप्यूटर तो कल्पना ही नहीं कर सकता तो शिक्षक कैसे हो गया. उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग अपने हित की सोचते है चाहे उससे समाज का कितना नुकसान क्यों न हो जाये. नैतिकता का ह्रास ही समाज में व्याप्त बुराइयों का जड़ है.

कार्यशाला में बच्चों को वीडियों क्लिप के माध्यम से सड़क सुरक्षा, स्वच्छता और गुरु शिष्य परंपरा से जुड़ी फिल्मों को दिखाया गया.

कार्यशाला को प्रो. शैलेन्द्र श्रीवास्तव, स्वामी अति देवानंद, अध्यक्ष सुधा बाला ने संबोधित किया. धन्यवाद ज्ञापन सुरेश प्रसाद सिंह ने किया.

0Shares
A valid URL was not provided.