विवेकानंद VIP फार्मेसी में योग दिवस पर योग शिविर का हुआ आयोजन

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Chhapra: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सारण जिले का एकमात्र सुप्रसिद्ध फार्मेसी संस्थान विवेकानंद VIP फार्मेसी संस्थान में निदेशक डॉ० राहुल राज की अध्यक्षता में योग शिविर का आयोजन किया गया।

इस योग शिविर में संस्थान के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण तथा विद्यार्थीगण उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन बच्चों, अभिभावकों और शहरवासियों को योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया गया। इस मौके विशिष्ट योग आचार्य ने योग के महत्त्व को सिखाया। उन्होंने बताया कि योग के माध्यम से शरीर के सामंजस्य को ठीक रखा जा सकता हैं।

कार्यक्रम की शुरूआत ऊं व गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हुई। उसके बाद योगाचार्य ने सभी को विभिन्न आसन व प्राणायामों के बारे में व उनसे होनेवाले लाभ के बारे में बताया।

निदेशक डॉ० राहुल राज ने कहा कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए योग अभ्यास प्रतिदिन करना चाहिए। योग हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और तनाव मुक्त रखता है।

संस्थान के प्राचार्य महोदय ने भी बच्चों को योग के बारे में विस्तार से बताया तथा योग से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक फायदों से अवगत कराया।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को योग अपनी नित्य दिनचर्या में अपनाना चाहिए, क्योंकि यह हमारी सोच, हमारे विचार और क्रिया में सकारात्मक बदलाव लाता है। निदेशक ने देश के प्रत्येक नागरिक को योगासन कर शरीर और मन दोनों से सेहतमंद रहने का संदेश दिया।

अध्यक्ष सह पूर्व प्रखंड प्रमुख विपिन कुमार सिंह ने योग शिविर को सफल करने के लिए सभी योग शिक्षको का धन्यवाद किया तथा अपने मन्तव्यों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के कारण आज योग विश्व के कोने-कोने तक पहुंचा है और योग दिवस को एक उत्सव के रूप में पूरे विश्व में मनाया जा रहा है।

योग से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। आदिकाल से ऋषि-मुनियों ने योग को अपनाया है और उनकी शक्ति एवं सफलता के पीछे योग एवं ध्यान ही रहे हैं।

योगाचार्य ने सभी को योग कराया तथा शिविर में योग साधकों ने प्रार्थना से योग की शुरूआत की।

इस दौरान सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, पाद हस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, बज्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, भुजंगासन, मकरासन, उत्तान पाद आसन, अर्ध हलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाती, अनुलोम विलोम, नाड़ी शोधन, भ्रामरी का अभ्यास करने के साथ ध्यान लगाने का अभ्यास किया। योगाचार्य ने कहा कि भारतीय योग व ध्यान से मन में प्रसन्नता आती है।

योग से जीवन के सर्वांगीण विकास के साथ ही शांति का अनुभव होता है। यदि योग को अपना लिया जाए तो बीमारियां कोसों दूर रहेंगी।

योग से जीवन के सर्वांगीण विकास के साथ ही शांति का भी अनुभव होता है। सभी उपस्थितजनों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया।

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