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23 May 2018      

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Chhapra: शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव का विवाह परसा के विधायक चंद्रिका राय की सुपुत्री ऐश्वर्या राय के साथ संपन्न हुआ. इस शादी के संपन्न होने के साथ ही लगता है सारण को एक नया लोकसभा प्रत्याशी मिल गया है.

अगले वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा के चुनाव के लिए बतौर प्रत्याशी ऐश्वर्या राय का नाम काफी चर्चाओं में है. सारण संसदीय क्षेत्र पर प्रारंभ से ही पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों की दावेदारी रहती है. सारण संसदीय क्षेत्र का नेतृत्व कर चुके लालू यादव के बाद अब तक इस क्षेत्र से बतौर प्रत्याशी तेजस्वी यादव के मैदान में उतरने की चर्चाएं तेज थी. लेकिन इसी बीच तेज प्रताप यादव की शादी ऐश्वर्या राय से होने के बाद अब ऐश्वर्या राय के ही प्रत्याशी होने की आशा व्यक्त की जा रही है.
इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि राजद आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के तौर पर तेजस्वी यादव को प्रमोट करने वाली है.जिससे सारण संसदीय क्षेत्र से सांसद का चुनाव लड़ना तेजस्वी यादव के लिए मुश्किल था.अब ऐश्वर्या राय के बहु बनने के बाद यह मुश्किल समाप्त हो चुकी है.

शादी की शुरुआत होने के साथ ही घर में ऐश्वर्या राय के कदम शुभ माने जा रहे हैं. एक के बाद एक हो रहे शुभ संकेतों के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि सारण संसदीय सीट पर ऐश्वर्या राय की दावेदारी रहेगी. उन्हें ससुराल और मायका दोनों ही जगह का भरपूर सहयोग मिलेगा. इस बात को लेकर सारण के राजद कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्साह है.

पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय के परिवार से आने वाली ऐश्वर्या राय के इस संसदीय क्षेत्र से बतौर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरने को लेकर भले ही पार्टी की तरफ से एवं राजद परिवार की तरफ से घोषणाएं नहीं हुई हो, लेकिन कार्यकर्ताओं द्वारा इस बात पर मुहर जरूर लगाई जा रही है कि ऐश्वर्या राय ही सारण से सांसद प्रत्याशी बनेंगी.

हालांकि फिलहाल राजद सुप्रीमों का परिवार वैवाहिक जश्न में डूबा हुआ है. इस विवाह उत्सव में और भी चार चांद लग गया जब 3 दिनों के पैरोल की मंजूरी के बाद 6 सप्ताह के लिए लालू यादव की जमानत मंजूर हो गई है.

लोकसभा के चुनाव में अभी 1 वर्ष का समय बाकी है. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि लालू यादव की मौजूदगी में ही लोकसभा चुनाव की रणनीति पर आपसी चर्चा होगी. 6 सप्ताह में उन सभी बातों पर चर्चा की जाएगी जो आगामी चुनाव के लिए महत्वपूर्ण है. लालू प्रसाद यादव चुनावी रणनीति के एक माहिर खिलाड़ी हैं. तबीयत खराब होने के बावजूद भी उनकी नजर बिहार की राजनीति पर बनी रहती है.

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