राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन विभाग की प्राथमिकता: आरपीएमयू

राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन विभाग की प्राथमिकता: आरपीएमयू

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस प्रमाणीकरण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित:

शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सीय सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए शुरू हुई कवायद: अपर निदेशक

एक्शन प्लान तैयार करने के लिए अधिकारियों को दिया आवश्यक दिशा-निर्देश: आरपीएम

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य:

Chhapra: सारण जिला मुख्यालय स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मासूमगंज और बड़ा तेलपा के साथ—साथ सिवान शहर के महादेवा और लक्ष्मीपुर मोहल्ला स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। जिसको लेकर सारण और सिवान जिले के जिला मूल्यांकन और अनुश्रवण पदाधिकारी, जिला लेखा प्रबंधक, चिकित्सा पदाधिकारी, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, डाटा ऑपरेटर को क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक प्रशांत कुमार और जपाइगो की क्षेत्रीय कार्यक्रम समन्वयक बनानी मिश्रा के द्वारा प्रशिक्षित किया गया। संबंधित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी और कर्मियों के अलावा क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक प्रशांत कुमार, क्षेत्रीय लेखा प्रबंधक विजय कुमार राम, क्षेत्रीय बायो मेडिकल इंजीनियर साबित्री पंडित, कार्यालय सहायक मनोज कुमार, जपाईगो की क्षेत्रीय कार्यक्रम समन्वयक बनानी मिश्रा, सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सिफार) के डीपीसी धर्मेंद्र कुमार रस्तोगी, लेखापाल निहारिका, आरपीएमयू कर्मी अंकुर और रंजय सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सीय सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए शुरू हुई कवायद: क्षेत्रीय अपर स्वास्थ्य निदेशक

क्षेत्रीय अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग को तीन स्तर पर प्रमाणीकरण के लिए लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। जिसमें राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणीकरण योजना की शुरुआत की गई है। जिसको लेकर सारण और सिवान के यूपीएचसी में चिकित्सीय सुविधाएं और चिकित्सकीय इंतजामों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार सुधार करने का प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के प्रमाण पत्र के लिए न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक लाना होगा। इसके लिए सक्षम पोर्टल पर सभी मानकों से संबंधित डाटा को अपलोड करना होगा।

एक्शन प्लान तैयार करने के लिए अधिकारियों को दिया आवश्यक दिशा- निर्देश: आरपीएम

क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक प्रशांत कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) प्रमाणीकरण को लेकर की जा रही तैयारियों से संबंधित एक्शन प्लान तैयार करने के लिए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों को दिया आवश्यक दिशा- निर्देश दिया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिया गया है। इसके अलावा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जिम्मेदारी, संबंधित कार्य में विशेष दक्षता व कौशल रखने वाले कर्मियों को एक महीने का समय दिया गया है। ताकि उसको एनक्यूएएस प्रमाणीकरण से प्रमाण पत्र मिल सके। सक्षम पोर्टल पर संधारण, अंकेक्षण और अनुश्रवण से संबंधित प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य: जपाईगो

जपाईगो की क्षेत्रीय कार्यक्रम समन्वयक बनानी मिश्रा ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों से कहा कि शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए कार्ययोजना है। लेकिन इसके लिए आप सभी को प्रशिक्षित करना जरूरी है। क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के अलावा स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अनिवार्य रूप से लगातार प्रयास किया जाता हैं। ताकि शहरी क्षेत्र के निवासियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके

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