छपरा: आरोपित को आजीवन कारावास, मछली खिलाने के बहाने घर से ले जाकर नाबालिक से दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी

छपरा: आरोपित को आजीवन कारावास, मछली खिलाने के बहाने घर से ले जाकर नाबालिक से दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी

Chhapra: मछली खिलाने के बहाने पड़ोस की सात वर्षीय नाबालिग को घर से बुलाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के उपरांत उसकी हत्या का प्रयास किये जाने के मामले के आरोपित को न्यायालय ने सश्रम कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है. मामला रसूलपुर थाना क्षेत्र का है जहां तीन वर्ष पूर्व एक युवक द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिया गया था. सोमवार को एडीजे षष्टम सह पोक्सो के विशेष न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर ने रसूलपुर थाना कांड संख्या 50/19 के पोक्सो वाद संख्या 31/19 में सजा की बिंदु पर सुनवाई की. अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक सह पॉक्सो के विशेष पीपी सुरेंद्र नाथ सिंह व उनके सहायक अधिवक्ता अश्वनी कुमार ने आरोपित को कठोर से कठोर सजा सुनाए जाने का न्यायालय से अनुरोध किया, वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता के द्वारा आरोपित की पहली गुनाह बताते हुए उसके पक्ष में बहस किया गया.

दोनो पक्षो की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपित रुजुल कुमार को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत उम्रकैद व 25 हजार जुर्माना एवं भादवि की धारा 307 के तहत 5 वर्ष सश्रम कैद व 25 हजार व जुर्माना की सजा सुनाई है. साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता की सहायता के लिए सरकार को दस लाख रुपये देने का आदेश दिया है. पीड़िता की मां ने 29 मार्च 2019 को अपने पड़ोसी युवक के विरुद्ध पीएमसीएच में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था. आरोप में कही थी कि 28 मार्च की रात 8 बजे रुजूल उनके घर आया और मेरी पुत्री को यह कह कर की उसकी दादी उसे मछली खाने को बुला रही है अपने साथ ले गया. बहुत देर तक जब बच्ची नहीं आयी तो वे युवक के घर पुत्री को लाने गयी. वहां सबो ने कहा कि उनकी पुत्री तो यहां आयी ही नहीं है और रुजूल भी घर पर नही है. पूरी रात सबो ने बच्ची को ढूंढ़ा परन्तु वह नही मिली. अहले सुबह लोंगो ने शोर मचाया की एक बच्ची चंवर में नग्न अवस्था में पड़ी हुई है.
सूचना पर उसके पति गये तो देखा कि उक्त बच्ची उनकी पुत्री है जो गम्भीर रूप से जख्मी हालत में पड़ी हुई है. उसे लेकर एकमा अस्पताल गये जहां डाक्टर ने सदर अस्पताल भेज दिया. सदर अस्पताल के डाक्टर भी बच्ची की हालत को गम्भीर बताते हुये उसे पीएमसीएच रेफर कर दिये. अधिवक्ता अश्विनी कुमार ने बताया कि पुलिस ने अभियुक्त को घटना के अगले दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तब से वह जेल में है. अभियोजन ने इस मामले में सूचक, पीड़िता, कांड के आईओ चिकित्सक समेत 7 साक्षियों का कोर्ट में साक्ष्य पेश किया.

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