लक्ष्य योजना के तहत राज्यस्तरीय टीम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण, मरीजों से लिया फ़ीडबैक

लक्ष्य योजना के तहत राज्यस्तरीय टीम ने किया सदर अस्पताल का निरीक्षण, मरीजों से लिया फ़ीडबैक

पांच घंटे तक अधिकारियों ने एक-एक बिंदुओं पर किया जांच
• प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर का लिया जायजा
• 70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार
• तय मानकों को पूरा करने पर मिलेगा पुरस्कार

छपरा: लक्ष्य योजना के तहत चयनित सदर अस्पताल का निरीक्षण राजयस्तरीय दो सदस्यीय टीम ने किया। इस दौरान टीम ने प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थियेटर का जायजा लिया। राज्यस्तरीय टीम एक-एक बिंदुओं पर करीब 5 घंटे तक जांच किया। वहां मौजूद डॉक्टर व कर्मियों से पूछताछ किया गया।

टीम दो दिनों तक जांच करेगी। टीम ने प्रसव कक्ष व ऑपरेशन थियेटर में मिलने वाली सुविधाओ के बारे में जानकारी लिया। बता दें कि चयनित अस्पताल का तीन स्तर पर रैंकिंग किया जाता है। सदर अस्पताल पहले जिलास्तरीय टीम जांच करती है। फिर राज्यस्तरीय टीम जांच करती है। राज्यस्तरीय टीम अपना जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार द्वारा यह रिपोर्ट केंद्रीय टीम को भेजा जायेगा। जिसके बाद केंद्रीय टीम सदर अस्पताल का निरीक्षण कर क्वालिटी की जांच करेगी।

निरीक्षण के बाद सुविधाओं के आधार पर रैंकिंग किया जायेगा। अगर रैंकिंग में 70 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त होता है तो सदर अस्पताल को तीन लाख रूपये का इनाम दिया जायेगा। मुख्य रूप से अस्पतालों के प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थिएटर को लक्ष्य कार्यक्रम के मानक के अनुरूप विकसित किया गया है।

इस मौके पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दीपक कुमार, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नीला सिंह, डीएचएस के डीपीसी रमेशचंद्र कुमार प्रसाद, यूनिसेफ के जिला समन्वयक आरती त्रिपाठी, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, केयर के डीटीएल संजय कुमार विश्वास, अमितेश कुमार समेत अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद थे।

अस्पताल की गुणवत्ता की हुई मैपिंग:
सदर अस्पताल अस्पताल की गुणवत्ता की मैपिंग की गयी। जिसमें कुल आठ तरह के मूल्यांकन पैमाने बनाए गए हैं। इसमें अस्पताल की आधारिक संरचना के साथ अस्पताल में साफ़-सफाई का स्तर, स्टाफ की उपलब्धता, लेबर रूम के अंदर जरुरी संसाधनों की उपलब्धता के साथ ऑपरेशन थिएटर की भी मैपिंग की गयी है। निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने वाले जिला स्तरीय अस्पताल को प्रोत्साहन धनराशि और प्रमाणपत्र देने का प्रावधान है। सदर अस्पताल का लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रमाणिकरण किया जा रहा है।

मरीजों व परिजनों टीम ने लिया फिडबैक:

जांच टीम ने सदर अस्पताल में आये मरीजों व उनके परिजनों से भी फिडबैक लिया। टीम ने मरीज के परिजनों से अस्पताल द्वारा दी जाने वाली सुविधा व जानकारियों के बारे में पूछताछ किया गया। मरीजों व परिजनों ने कहा कि यहां पर मिलने वाली सुविधाओं से वह पूरी तरह से संतुष्ट है। अब पहले से बेहतर सुविधा मिल रही है। गुणवत्ता में भी सुधार किया गया है।

प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर को किया गया सुसज्जित

लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सभी संसाधनों व सुविधा उपलब्ध कराया गया है और लक्ष्य कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर को सुसज्जित कर दिया गया है। प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थियेटर को बेहतर बनाने से मरीजों को सुविधा व सहुलियत हो रही है।
तीन स्तर पर रैंकिंग

लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तीन स्तरों पर रैंकिंग की जाती है। पहले जिला स्तर पर, उसके बाद रिजनल स्तर पर और तृतीय चरण में राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग की जाती है। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 75 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।

70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार

तय मानकों के सापेक्ष 70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार दिए जाने का भी प्रावधान बनाया गया है। सांत्वना पुरस्कार के रूप में सदर अस्पताल को 3 लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों या अनुमंडलीय अस्पतालों को 1 लाख एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं।

इन मानकों पर तय होते हैं पुरस्कार
• अस्पताल की आधारभूत संरचना
• साफ-सफाई एवं स्वच्छता
• जैविक कचरा निस्तारण
• संक्रमण रोकथाम
• अस्पताल की अन्य सहायक प्रणाली
• स्वच्छता एवं साफ़-सफाई को बढ़ावा देना

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