सदर अस्पताल में RT-PCR LAB का स्वास्थ्य मंत्री ने किया लोकार्पण

सदर अस्पताल में RT-PCR LAB का स्वास्थ्य मंत्री ने किया लोकार्पण

Chhapra: सदर अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच के लिए RT-PCR LAB का लोकार्पण स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने किया. 

इस अवसर पर सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक डॉ सीएन गुप्ता, सिविल सर्जन आदि उपस्थित रहें. इसके बाद अब सदर अस्पताल में भी कोरोना वायरस की RT-PCR जाच हो सकेगी. इसके पहले सैंपल को जांच के लिए पटना भेजा जाता था. 

हमलोग कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहे हैं। कोरोना जांच जो पूरे देश और दुनिया के लिए एक चुनौती थी। आज इस चुनौती को हमलोगों ने स्वीकार करते हुए जमीनी स्तर पर उतारा है। जो जांच यूनिट पूरे देश में सीमित स्थल तक थी उसे अब बहुत जगह शुरू किया जा रहा है। उक्त बातें सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने वर्चुअल माध्यम से छपरा सदर अस्पताल में आरटीपीसी लैब का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होने कहा कि आज छपरा में भी आरटीपीसीआर जांच मशीन की शुरुआत की गई है। अब कोरोना जांच के लिए सैंपल कहीं बाहर भेजने की जरूरत नहीं होगी। लोगों को पहले जांच रिपोर्ट में ज्यादा समय भी लगता था जो यहा जांच शुरु हो जाने के बाद काफी सहूलियत होगी और सेम्पल जांच आरटीपीसीआर के लिए बाहर भेजे जाने से निजात मिलेगी। मंत्री ने कहा कि आरटी पीसीआर लैब की सुविधा अबतक जिला में मौजूद नहीं रहने से सैंपल को जांच के लिए पटना भेजना पड़ता था। इस दौरान संदिग्ध मरीज को अपने रिपोर्ट के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। कोरोना के मामले में जांच रिपोर्ट आने में विलंब को लेकर परेशानी का बड़ा कारण यह है कि संक्रमित व्यक्ति तब तक बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर चुका होता है। आरटीपीसीआर जांच की यहां पर व्यवस्था हो जाने से लोगों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना होगा। अब यह सुविधा सारण में उपलब्ध हो गयी है। इस लैब के शुरू होने से कोरोना जांच की रफ्तार बढ़ेगी। लैब में जरूरत के हिसाब से और भी सुविधाएं बढ़ाई जाएगी ताकि इसका इस्तेमाल अन्य जांच में भी किया जा सके। सरकार की ओर से कोरोना की जांच बढ़ाने और 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने की व्यवस्था की गई है। इस मौके पर महाराजगंज के सासंद जर्नादन सिंह सिग्रीवाल, विधान पार्षद सच्चिदानंद राय, छपरा विधायक डॉ. सीएन गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार, डीआईओ डॉ. अजय कुमार शर्मा, डीएमओ डॉ. दिलीप कुमार सिंह, डीपीएम अरविन्द कुमार, डीपीसी रमेशचंद्र कुमार, हेल्थ मैनेजर समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।


प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों लैस लैब दो शिफ्ट में चलेगा:

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यक कर्मियों से लैस इस लैब को फिलहाल दो शिफ्ट में चलाया जायेगा। इसे केबिननुमा रूप दिया गया है ताकि सुरक्षा को लेकर कोई दिक्कत न हो। बिहार मेडिकल सर्विस के अंतर्गत इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड मरीजों को जल्द सुविधा मिलने की दिशा में पहल कर रहा है। अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं से लैस आरटीपीसीआर लैब पूरी तरह से सेंट्रलाइज एयर कंडीशन रूम बनाया गया है। पूरी तरह से केबिन को तैयार किया गया है।

लगभग 20 लाख रूपये की लागत से लगी है आरटीपीसीआर:

सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने कहा कि छपरा सदर अस्पताल में कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों के जांच के लिए जो अत्याधुनिक के जांच मशीन आरटी पीसीआर यानी रिवर्स ट्रांस्त्रिरप्शन पाली मार्स रिएक्शन टेस्ट की लागत 15 से 20 लाख रुपए है। मालूम हो कि इस मशीन से टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में कोरोनावायरस का पता लगाया जाता है इसमें वायरस के आरएनए की जांच होती है।

छपरा टुडे डॉट कॉम की खबरों को Facebook पर पढ़ने कर लिए @ChhapraToday पर Like करे. हमें ट्विटर पर @ChhapraToday पर Follow करें. Video न्यूज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को @ChhapraToday पर Subscribe करें