कार्तिक पुर्णिमा स्नान कार्यक्रम के लिए दिशानिर्देश जारी, पढ़िये

कार्तिक पुर्णिमा स्नान कार्यक्रम के लिए दिशानिर्देश जारी, पढ़िये

•कार्तिक पुर्णिमा स्नान कार्यक्रम के लिए दिशानिर्देश जारी, करें सख्ती से अनुपालन
•मजबूत प्रतिरोधक क्षमता से होगा कोरोनावायरस से बचाव

Chhapra: कोरोना से बचाव को लेकर वैसे तो हर किसी को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है किन्तु बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गर्भवतियों का कुछ खास ख्याल रखना जरूरी है। इन लोगों में अमूमन रोग प्रतिरोधक शक्ति कम होती है। इसलिए उनका बाहर निकलना, किसी सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल होना या अधिक लोगों के बीच रहना संक्रमण को खुला आमंत्रण है। इन बातों को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने 30 नवम्बर को होने वाले कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं के जमा होने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है।

यह है दिशा- निर्देश 

पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी को देखते हुये राज्य सरकार के पत्रांक 6344 द्वारा सभी जिला प्रशासन को यह स्पष्ट किया है कि पुर्णिमा स्नान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाय। उन्हें घाटों पर जमा होने के बजाय अपने घर में ही रहकर स्नान करने के लिए प्रेरित किया जाय। पत्र में 60 साल से ऊपर के लोगों, बुखार या किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रसित, 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवतियों को घाट पर नहीं जाने की सलाह दी गयी है। साथ ही यह निर्देश भी दिया गया है की इस अवसर के लिए परिचालित विशेष यातायात के साधनों (यात्री वाहनो, बसों )में उपलव्ध कुल सीट के 50 प्रतिशत यात्री हीं एक समय में बैठ (यात्रा कर )सकते हैं। यातायात से संबन्धित यह निर्देश विशेष रूप से बेगूसराय, वैशाली, पश्चिमी चंपारण, सारण, जमुई और पटना से आने जाने वाले यात्री वाहनों के लिए जारी किया गया है क्योंकि विगत कुछ दिनों से इन जिलों में कोरोना संक्रमण दर में वृद्धि देखी गयी है। ऐसे में कार्तिक स्नान करने के लिए गंगा घाटों पर लोगों के विशेष तौर पर बुजुर्गों और महिलाओं के एकत्रित होने से उनके संक्रमित होने की संभावनाएं और बढ़ जाती हैं।इसलिए बुजुर्गों को घर के भीतर हीं रहने को कहें ताकि वो सुरक्षित रहें और उनके खानपान का ध्यान रखें ।

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाकर और सही दिनचर्या से दे सकेंगे कोरोना को मात

मजबूत प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में कोरोना के संक्रमण की संभावना काफी कम होती है। यही नहीं ऐसे व्यक्ति कोरोना संक्रमित भी हो जाए तो भी जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। इसलिए घर के बुजुर्गों, शिशुओं और गर्भवतियों के आहार में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन एवं फाइबर शामिल करें। अंकुरित अनाज जैसे अंकुरित गेहूं, अंकुरित मूंग, सोयाबीन आदि से उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिलता रहेगा। इसके अलावा गेहूं का आटा व उससे बनी दलिया, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दूध, विटामिन-सी से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। विटामिन-सी खट्टे फलों प्राप्त होती है। इसलिए नींबू,आंवला संतरा जैसे फल और पर्याप्त पानी पिलाएँ। ज्यादा तले भुने या मैदा से बने चीजों के सेवन से बचाएं। धूम्रपान, तंबाकू या मद्यपान से बुजुर्गों को दूर रहने को कहें क्योंकि इससे किडनी और हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है। भरपूर नींद, नियमित दिनचर्या और नियमित हल्का-फुल्का योग करने को उत्साहित करें। मास्क का नियमित उपयोग, हाथों की स्वच्छता का ध्यान और शारीरिक दूरी का पालन कर संक्रमण से बचा जा सकता है।

छपरा टुडे डॉट कॉम की खबरों को Facebook पर पढ़ने कर लिए @ChhapraToday पर Like करे. हमें ट्विटर पर @ChhapraToday पर Follow करें. Video न्यूज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को @ChhapraToday पर Subscribe करें