मुख्यमंत्री ने अधिकारीयों के साथ की समीक्षा बैठक

छपरा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सारण प्रमंडल के तीन जिलों छपरा, सीवान एवं गोपालगंज जिले में शराबबंदी, पेयजल एवं अग्निकांडों की स्थिति, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम की तैयारी तथा ‘‘सात निश्चय’’ के कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी.

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पूरी सख्ती से शराबबंदी करने का निदेश दिया गया. इस क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा इन सभी जिलों में शराबबंदी के संबंध में की जा रही छापेमारी, गिरफ्तारी तथा अभियोजन की समीक्षा की गयी तथा इन जिलों में जांच हेतु लगाये गये चेकपोस्टों एवं बेरियर इत्यादि की स्थिति तथा नशा विमुक्ति केन्द्रों के संचालन की भी समीक्षा की गयी.

समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पूरी सख्ती से शराबबंदी करने का निदेश दिया गया. तीनों जिलों के डीएम एवं एसपी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी की जा रही है. चेकपोस्ट पर गहन चेकिंग करायी जा रही है और सीमावर्ती उतर प्रदेश के देवरिया, बलिया एवं कुशीनगर से आने-जाने वाले लोगों का ब्रेथ एनलाइजर से भी चेकिंग करायी जा रही है. आयुक्त, सारण प्रमंडल एवं डीएम सारण ने बताया कि पड़ोसी राज्य के सीमा से लगे जिलों के डीएम, एसपी एवं आवकारी के अधिकारियों के साथ बैठक हुयी है. वहां के डीएम एवं एसपी ने आश्वासन दिया है कि 3.2 किमी तक सीमा क्षेत्र में शराब की दूकान नहीं खुलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि अन्य राज्यों की सीमा के जिले में दारू पीलाकर खाट का भी इंतजाम किया गया है. यदि सारण प्रमंडल के जिले में भी ऐसी बात हो तो तुरंत इसपर ध्यान देने की आवश्यकता है. सीवान डीएम ने बताया कि शराब व्यवसाय में संलिप्त रहने में कारण दो चैकीदारों को जेल भेजा गया है. इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल जेल भेजने से काम नहीं चलेगा, उन्हे सेवा से बर्खास्तगी की भी कार्रवाई होनी चाहिए.

         उन्होंने कहा कि बोर्डर एरिया में समेकित छापेमारी अभियान चलाया जाए और यह सुनिश्चित कराया जाए कि जो भी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए है उनकी जमानत न हो. उन्होंने कहा कि सीमा के पार के जिलों में ऐसी दूकानों की सूची बनाए जो 5 किमी से पहले हो.

आयुक्त ने बताया कि बिहार एवं यू0पी0 के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय हुआ है कि बिहार में शराबबंदी के कठोर कानूनी प्रावधानों का बैनर/पोस्टर सीमावर्ती जिलों में लगाया जाय.

मुख्यमंत्री ने निदेश दिया कि चूँकि आगामी जून 2016 से राज्य में लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लागू हो रहा है, अतः इसके सभी जिलों तथा अनुमंडल मुख्यालयों में इसके लिए कार्यालय की व्यवस्था करते हुए पर्याप्त काउंटरों की व्यवस्था कर ली जाए ताकि आमलोगों को किसी तरह की कठिनाई न हो. इसके साथ ही सभी केन्द्रों पर कम्प्यूटर तथा इंटरनेट की व्यवस्था करते हुए आवश्यक प्रपत्रों एवं पंजियों की छपाई भी कर ली जाए. मुख्यमंत्री द्वारा यह सख्त निदेश दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में लोक शिकायत निवारण केन्द्रों पर लोगों को कठिनाई न हो. साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निदेश दिया कि पूर्व से प्रखंडों में संचालित हो रहे लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्रखंड स्तरीय केन्द्रों की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए उनमें और संसाधन उपलब्ध करायी जाए. प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग ने बताया कि छपरा जिले का आज लोक शिकायत निवारण कार्यालय का निरीक्षण किया गया है और सारी व्यवस्थाएं कर ली गयी है. मुख्यमंत्री ने इस अभियान प्रावधान को प्रिंट एंड इलेक्ट्रोनिक मिडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार का निदेश दिया. उन्होंने कहा कि 5 जून को राज्य स्तर से इस महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ पटना से करेंगे.

अग्निकांड के संबंध में मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन को निदेश दिया कि आपदा प्रबंधन के तहत सभी डीएम को आपदा के आकस्मिकता मद में अग्रिम राशि दी जाए ताकि डीएम किसी भी आपदा में उसका इस्तेमाल कर सके.

केन्द्र का निर्माण, प्रत्येक प्रखंड में भाषा संवाद एवं बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान केन्द्र का निर्माण, प्रत्येक जिला में जी0एन0एम0 स्कूल, पारा मेडिकल संस्थान की स्थापना, प्रत्येक अनुमंडल में ए0एन0एम0 स्कूल की स्थापना, प्रत्येक जिला में आई0टी0आई0 की स्थापना/इंजिनियरिंग एवं पालीटेक्नीक काॅलेज की स्थापना हेतु जमीन की उपलब्धता एवं कार्य की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि इसमें नीयत समय के अन्तर्गत कार्य पूर्ण करा लिया जाएं. आज की समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे शिक्षा मंत्री अशोक चैधरी, कला संस्कृति एवं युवा मंत्री शिवचन्द्र राम, परिवहन मंत्री चंद्रिका राय, खान एवं भूतत्व मंत्री मुनेश्वर चैधरी, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुर, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चन्द्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, आयुक्त सारण प्रमण्डल छपरा प्रभात शंकर, जोनल आई0जी0, पुलिस उप महानिरीक्षक, सारण, सीवान, गोपालगंज जिला के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे.

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