अगलगी की घटनाओं के रोकथाम के लिए जागरुकता जरुरी: जिलाधिकारी

अगलगी की घटनाओं के रोकथाम के लिए जागरुकता जरुरी: जिलाधिकारी

Chhapra: गर्मी का मौसम प्रारंभ होने के साथ ही अगलगी की घटनाओं की रोक थाम एवं घटना घटित होने पर नियामानुसार प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के लिए पूर्व तैयारियाँ अविलम्ब पूर्ण कर लेने का जिलाधिकारी डाॅ निलेश रामचन्द्र देवरे ने सारण जिला के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निदेश दिया है.

जिलाधिकारी कहा कि अग्निकांड की घटनाओं की रोकथाम हेतु पूर्व वर्षों में घटित अग्निकांड की घटनाओं के अनुभव के आधार पर प्रखंडवार अग्नि संवेदनशील पंचायतों, गाॅवों को चिन्हित कर वहाॅं अधिकतम जागरूकता कार्य किये जाने के साथ ही सुरक्षा उपायों का व्यापक प्रबंधन किया जाय. जिलाधिकारी के द्वारा कहा गया कि अग्नि प्रवण तथा अधिनस्थ प्रखंडों के संवेदनशील पंचायतों, गाॅंवों की पहचान कर अग्निशमन  सेवा के सहयोग से जागरूकता एवं क्षमता वर्द्धन कार्यक्रम कराने का निर्देश दिया है. 

जिलाधिकारी के द्वारा कहा गया कि ग्राम स्तर पर कार्यरत विभिन्न सरकारी, गैर सरकारी समूहो, कर्मियों यथा आॅंगनबाड़ी सेविका, टोला सेवक, पंचायत सदस्यों, जीविका, विकास मित्र, कृषि सलाहकार एवं अन्य स्वयं सहायता समूह कार्यकर्Ÿााओं के माध्यम से अग्निशमन सेवा की सहायता से जागरूकता एवं क्षमता वर्द्धन कार्यक्रमों का संचालन किया जाय.

जिलाधिकारी के द्वारा कहा गया कि जागरुकता कार्यक्रमों में हवा के झोकों के तेज होने के पहले ही खाना पकाकर चुल्हे की आग को पानी से पूरी तरह बुझा दें. प्रायः दिन का खाना 9 बजे सुबह से पूर्व तथा रात का खाना शाम 6 बजे तक बना लेंने, कटनी के बाद खेत में छोड़े डंठलों में आग नही लगाने, हवन आदि का काम सुबह करने, भोजन बनाने के बाद चूल्हे की आग पूरी तरह से बुझा देने, रसोई घर यदि फूस का हो तो उसकी दीवाल पर मिट्टी का लेप करने, रसाई घर की छत उॅंची रखने, आग बुझाने के लिए बालू अथवा मिट्टी बोरे में भरकर तथा दो बाल्टी पानी अवष्य रखें, दीपक (दीया), लालटेन, मोमबत्ती को ऐसी जगहों पर न रखें जहाॅं से गिरकर आग लगने की संभावना हो, शार्ट सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायरिंग की समय पर मरम्मत करा लेंने, मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम, घर में किसी भी उत्सव के लिए लगाये कनात अथवा टेण्ट के नीचे से बिजली के तार को न लाने में आवश्यक सावधानी, जलती हुई माचिस की तीली अथवा अधजली बीड़ी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर ना फेकें, जहाॅं पर सामूहिक भोजन इत्यादि का कार्य हो रहा हो, वहां पर दो से तीन ड्रम पानी अवश्य रखा जाये, खाना बनाते समय ढीले-ढाले और पाॅलिस्टर के कपड़े पहनकर खाना ना बनायें, हमेशा सूती कपड़ा पहन कर ही खाना बनायें.

सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें. ग्रामीण क्षेत्रों में हरा गेहूं, खेसारी, छिमी भी बच्चे लाकर भूनते हैं. ऐसे में आग लगने से बचने के लिए उनपर निगरानी रखें. आग लगने पर समुदाय के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास करें. फायर बिग्रेड (101 नम्बर) एवं प्रशासन को तुरंत सूचित करें.

जिलाधिकारी के द्वारा निदेश दिया गया कि अग्निकांड प्रभावित परिवारों के बीच राहत वितरण अग्निकांड की घटना होने पर 24 घंटे के अंदर अनुमान्य सहायता यथा-पाॅलिथिन सिट्स, खाद्यान्न, नगद एवं अन्य अनुदान प्रभावित/पीड़ित परिवार को तत्काल उपलब्ध करायी जाय.

महत्वपूर्व नम्बर 

सदर छपरा अनुमंडल में फायर स्टेशन आॅफिसर मो0 सेराज खान मोबाईन नं0-7061212033,

मढ़ौरा अनुमंडल में फायर स्टेशन आॅफिसर जयराम सिंह मोबाईल नं0-7765815261

सोनपुर अनुमंडल में फायर स्टेशन आॅफिसर प्रमोद कुमार मोबाईल नं0-7667240524

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