छपरा की बेटी को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, 2 सालों से पीपल के पेड़ के नीचे सैकड़ों बच्चों को पढ़ा रही अनिशा

छपरा की बेटी को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, 2 सालों से पीपल के पेड़ के नीचे सैकड़ों बच्चों को पढ़ा रही अनिशा

Chhapra: छपरा की अनिशा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया.. अनिशा को राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से सम्मानित किया. 21 साल की कुमारी अनिशा को पिछले 2 साल से गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने व अन्य सामाजिक क्षत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान राष्ट्रपति के हाथों मिला.

सारण की बेटी को राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिला बेहद गर्व की बात है. छपरा के नेहरू चौक स्थित कृष्ना पूरी कॉलोनी निवासी हिमेश चन्द्र मिश्रा की 22 वर्षीय पुत्री कुमारी अनिशा ने इसी साल जगदम कॉलेज से स्नातक की परीक्षा पास की है. राष्ट्रीय स्तर का सम्मान मिलने की सूचना के बाद से पूरे परिवार व कॉलेज में खुसी का माहौल है. यहीं नही छपरा एनएसएस के सदस्य भी इस बात से बेहद उत्साहित हैं कि उनके बीच रहने वाली अनिशा को राष्ट्रपति से सम्मान मिला है.

अनिशा व उनकी दोस्त ममता ने शुरू की मुहिम

अनिशा ने अपनी दोस्त ममता के साथ मिलकर छपरा के हुस्से छपरा में स्थित एक सरकारी विद्यालय के समीप स्थित एक पीपल के पेड़ के नीचे बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दे रही हैं. वो और उनकी फ्रेंड ममता हर रोज 2 घण्टो बच्चों को पढ़ाती हैं. अनिशा ने बताया कि सारे बच्चे गरीब बस्ती के हैं. हर शाम दोनों दोस्त मिलकर पीपल की छावं में बच्चों को पढ़ाने का कार्य करती हैं. यह काम दोनों ने2 साल पहले शुरू किया था. जो अभी तक जारी है. अनिशा के हौसले को देखकर अन्य लोगों ने भी उनकी बहुत तारीफ की है.

अनिशा की वहां नर्सरी से लेकर 8वीं तक के बच्चों को निःशुल्क व निःस्वार्थ भाव से शिक्षा दे रही हैं. बच्चे बोरा लेकर पढ़ने की ललक लेकर आते हैं तो उन्हें पढ़ाये बिना रहा नहीं जाता. अनिशा के इस प्रयास से बसती के कई और परिवार जागरूक हुए और अपने बच्चों को उनके पास हर रोज पढ़ने के लिए भेजते हैं. आज अनिशा हर रोज 50 बच्चो को शिक्षा दे रही हैं. साथ ही उनका भविष्य सवारने का भी कार्य कर रही हैं. अनिशा व उनकी दोस्त के मुहिम का असर है कि आज इस इलाके के बच्चे शिक्षित हो रहे हैं. साथ ही उनमें अनुशासन भी काफी सराहनीय है.

पढ़ाई के साथ कत्थक नृत्य व खेल की भी ट्रेनिंग

अनिशा ने बताया कि वो बच्चो को पढ़ाने के साथ साथ कई और चीजें करातीं हैं. हर रविवार को वो खुद बच्चो को कत्थक नृत्य की भी ट्रेनिंग देती हैं. इससे बच्चे पारम्परिक नृत्य भी निःशुल्क सीखते हैं. और तो और बच्चो को खेल कूद की भी ट्रेनिंग वो खुद देते आ रही हैं. वो बच्चों को फुटबाल खेलना भी सिखाती हैं. ताकि बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से तन्दरूस्त रहें.

अनिशा का पिछले 2 साल का मेहनत आज पूरी तरह रंग लाया है. आज उन्हें राष्ट्रपति से सम्मान मिलने वाला है. जिसपर पूरे सारणवासी गर्व कर रहे हैं. अनिशा के निःशल्क शिक्षा की मुहिम को घरवालों ने बहुत सपोर्ट किया. हालांकि इस कार्य मे चुनौती भी कम नहीं है. युवाओ को लेकर उन्होंने कहा कि आज किसी के पास किसी के लिए समय नहीं है. हम युवाओ को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. युवाओ को अपना हर रोज 1 घण्टा देकर कोई न कोई मुहिम या बदलाव का कार्य करना चाहिए. युवा आगे आएंगे तभी कुछ बदलाव आएगा.

दोस्त को अवार्ड नहीं मिलने पर जतायी मायूसी

राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने के बाद अनिशा ने काफी खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि वो काफी उत्साहित हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि यह मुहिम उन्होंने अपनी दोस्त ममता के साथ मिलकर शुरू किया था. लेकिन इस सम्मान के लिए ममता का नाम नहीं गया इसके लिए उनके मन मे दुख है. उन्होंने कहा कि इस सम्मान पर जितना उनका हक है उतना ही उनकी दोस्त ममता का भी है. ममता आज भी मेरे साथ मिलकर वहां बच्चो को निःशुल्क शिक्षा दे रही हैं. बुधवार को सम्मान समारोह के दैरान अनिशा की मां व उनकी दोस्त ममता भी मौजूद थे.

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