सदर अस्पताल के चिकित्सक पर परिजनों ने लगाया ईलाज में लापरवाही का आरोप, हंगामा

सदर अस्पताल के चिकित्सक पर परिजनों ने लगाया ईलाज में लापरवाही का आरोप, हंगामा

Chhapra: नगर थाना क्षेत्र के रूपगंज मोहल्ले में छत की दीवाल गिरने से एक बालक की मौत हो गई. मृतक स्वरूपगंज निवासी बबलू कुमार श्रीवास्तव का पुत्र अंश कुमारबताया जाता है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक छत पर फुल में पानी पटाकर नीचे आ रहा था कि तभी छत गिर गया. जिसके बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया परिजनों ने आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल लेकर आए. जहां डयूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया.

तत्पश्चात परिजनों ने अंत्येष्टि के लिए गंगा किनारे लेकर गए जहां जब आखरी दर्शन के लिए शव पर से कफन को हटाया गया तो उसकी सांस चल रही थी. परिजनों ने उसे इलाज के लिए वहाँ से एक निजी क्लीनिक में ले गए. जहां चिकित्सक ने उसे पुनः सदर अस्पताल रेफर कर दिया. जब सदर अस्पताल लाया गया उसके बाद अस्पताल प्रबंधक समेत कई चिकित्सक उसकी स्थिति को देखने के लिए पहुंचे जिसके बाद बालक को मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद परिजनों का गुस्सा चिकित्सक के खिलाफ इतना अधिक बढ़ गया कि परिजन तथा मोहल्ले के लोग सदर अस्पताल में हो हंगामा शुरू कर दिया.

बवाल बढ़ता देख भगवान बाजार थाने को सूचित कर पुलिस बल तो बुला लिया गया. वही तत्काल मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुनेश्वर प्रसाद सिंह, भगवान बाजार थानाध्यक्ष मुकेश झा व नगर इंस्पेक्टर विमल कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए. सभी पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक परिजनों को समझाया जिसके बाद आक्रोश शांत हुआ.

वही इलाज के दौरान परिजनों का आरोप था कि मेरा लड़का अस्पताल में इलाज के दौरान तक ठीक था मगर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया. अगर समय रहते हैं उसे बेहतर इलाज दिया गया रहता तो शायद इस तरह की घटना नहीं होती. मालूम हो कि मृतक अपने मां बाप का इकलौता चिराग था जो अब इस दुनिया में नहीं रहा. 

वहीं इसी दौरान सदर अस्पताल से सभी चिकित्सक अस्पताल छोड़कर कही चले गए. तभी कोपा थाना क्षेत्र के एक बालक जो परमेश्वर राम का पुत्र सीधा बताया जाता है उसकी भी मौत डायरिया के कारण हो गई. परिजनों का आरोप था कि चिकित्सक अगर नहीं छोड़कर भागे रहते तो शायद हमारे बच्चे की जान बच जाती.

मालूम हो कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी सदर अस्पताल के सिविल सर्जन ना ही परिजनों का फोन उठाएं और ना ही अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने के लिए ही पहुंचे. बाद में उपाधीक्षक डॉ राम इकबाल प्रसाद सदर अस्पताल में पहुंचे जहां उन्होंने परिजनों से बात कर सांत्वना देते हुए कहा कि अगर डॉक्टर की लापरवाही होगी तो उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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