कुछेक वर्षों पूर्व, एक समय था जब महिलाओं के लिए बाह्य दुनिया से भेंट करने हेतु अखबार, रेडियो, दूरदर्शन, पत्रिकाओं आदि जैसे एकपक्षीय माध्यम थे. इन माध्यमों के द्वारा अतिविशिष्ट महिलायें ही अपनी बात दुनिया के सामने रख पाती थीं जबकि सामान्य महिलाओं के लिए तो दुश्वारिता बदस्तूर कायम थी.Read More →

(प्रो कुमार वीरेश्वर सिन्हा) मुझे याद आता है आज का वह दिन जब इस युग के अजातशत्रु स्व० राजेन्द्र बाबू अपनी इहलीला समाप्त होने के कुछ ही दिनों पहले, पहली बार राजेन्द्र कालेज छपरा में पधारे थे और उसी अपराह्न फूटबाल ग्राउंड (वर्तमान राजेन्द्र स्टेडियम) में अपना अंतिम भाषण देनाRead More →

कुमार वीरेश्वर सिन्हा आज हमारे महान शहनाई वादक स्व बिस्मिल्लाह खां की जन्म जयंती है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश, बल्कि हमारे भोजपुरी क्षेत्र के इस महान सपूत ने शहनाई वादन में अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए। हालांकि सिनेमा फिल्मों में शहनाई बजाने से उन्होंने परहेज किया फिर भी एक फिल्मRead More →

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद सभी स्तब्ध है. वाजपेयी जी से जुड़े कुछ संस्मरण को विद्वत परिषद् के बिहार झारखण्ड के प्रमुख रामदयाल शर्मा ने छपरा टुडे डॉट कॉम से साझा की है. आप भी पढ़िए ये संस्मरण……. हार नही मानूंगा, रार नही ठानूँगाRead More →

(कबीर की रिपोर्ट) पाँच साल पहले सारण मे ऐसी घटना घटी जिसने प्रदेश ही नही देश और विदेश मे सभी को झकझोर कर रख दिया. घर से माँ ने अपने बच्चों को अपनी हाथों से सजा-संवार के स्कूल के लिए भेजा था वो क्या जानती थी मेरा लाल कभी लौटRead More →

Sticky

सोशल मीडिया फेसबुक पर यह देख कर अच्छा लगा कि कुछ युवा लोग लुप्तप्राय कैथी लिपि को पुनः इसे जीवित करना चाहते हैं और अपनी ओर से प्रयास भी कर रहे हैं. निःसंदेह यह दुःख की बात है कि वह लिपि जिसने कभी फारसी लिपि की जगह लेकर सरकारी कागजातोंRead More →

मदर्स डे हर साल माँ के सम्मान में मनाया जाता है. मदर्स डे मनाने का चलन नार्थ अमेरिका से शुरू हुआ. इस दिन बच्चों द्वारा अपनी माँ को सम्मान दिया जाता है. यह दिन समाज में माँ के प्रभाव को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है. मदर्स डे हर सालRead More →

हम हैं बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान, मेहनत अपना दीन धरम है, मेहनत है ईमान!! सीधे-साधे बोली अपनी, सीधे-सादे लोग, लालच, झुठ और मक्कारी के हमको नहीं है रोग! अपने अंदर जिन्दा रखा है हमने इंसान, हम है बिहारी, सारे जग में हम भारत की शान. मेहनतRead More →

Chhapra (कबीर): विगत सालों में लगातार लापरवाही की वजह से लंबित होती परीक्षाएं और फिर छात्र संघ चुनाव की घोषणा के बाद छात्र और छात्र संघ की नींद टूटी है. देर ही सही छात्र जागे है, कुछ अच्छा होने की उम्मीद भी जगी है. डिजिटल क्रांति के इस दौर में छात्रRead More →

अपराधी का इंटरव्यू इस शीर्षक से आप भी सोचेंगे कि अपराधी का इंटरव्यू छापने, बताने की क्या जरूरत पड़ी. सिस्टम, समाज और मजबूरी इंसान को अपराध और अपराध के रास्ते पर कब ला खड़ा करती है पता नही चलता. पढ़िए कबीर अहमद से सुपारी किलर की बातचीत के अंश…. भूख,Read More →

खुशनसीब है जो तुझे मां मिली है, तेरी ज़िन्दगी को नई, पहचान मिली है। भूल कर भी ना करना, रुसवा उसको कभी। देख तुझे मां नहीं, तुझको भगवान मिली है।। रोशनी को भी कर दे जो ज्यादा रौशन, तेरे घर को ऐसी रोशनदान मिली है। बेकार के उन रिश्तों में,Read More →

ये तस्वीरें हाल ही में मेरे द्वारा उड़िशा के कंधमाल के आदिवासी इलाके में फील्डवर्क के दौरान ली गयीं है। तस्वीरे तो बस सिमित दायरे में ही तथ्यों को रख पा रही है बाकी मैं वास्तविकता अपनी आँखों से देख बहुत विचलित हुआ। यानि की जंगल को लूटने या दोहनRead More →