(प्रशांत सिन्हा)  मेरे पिताजी अक्सर जयप्रकाश आंदोलन की चर्चा अपने मित्रों से करते थे और मैं उनके पास बैठ कर उनकी बातें सुना करता था। मेरा विद्यालय जयप्रकाश बाबू के घर के ठीक सामने था। मैं हमेशा उन्हें धूप में किताबें पढ़ते हुए देखा करता था। शिक्षकगण भी उनके विषयREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) करोना महामारी के कारण बिहार के श्रमिकों को बेहद परेशानी से गुज़रना पड़ा है। जिस तरह श्रमिकों को समस्या हुई है वह शायद ही इतिहास में हुआ होगा। वैसे महामारी और पलायन में रिश्ता है। जब भी महामारी फैली है पलायन हुआ है। करोना महामारी ने हमें सीखREAD MORE CLICK HERE

हर साल 22 April को दुनिया में 193 देशों मे पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसकी शुुुुरुआत 1970 में  अमेरिका में हुई थी। मगर  इस वर्ष खास बात है कि इस वर्ष इसकी पचासवीं वर्षगांठ है। दूसरी खास बात है कि इस वर्ष पूूरी दुनिया में वैश्विकREAD MORE CLICK HERE

वास्तव में अगर जम्मू कश्मीर के बारे में बातचीत करने की जरूरत है तो वह है POK और अक्साई चीन के बारे में. इसके ऊपर देश में चर्चा होनी चाहिए गिलगित जो अभी POK में है. विश्व में एकमात्र ऐसा स्थान है जो कि 5 देशों से जुड़ा हुआ है-READ MORE CLICK HERE

गंडामन हादसे की है छठी बरसी 16 जुलाई 2013 को हुआ था हादसा Chhapra: छह साल पहले सारण मे ऐसी घटना घटी, जिसने प्रदेश ही नही देश और विदेश मे सभी को झकझोर कर रख दिया. घर से माँ ने अपने बच्चों को अपनी हाथों से सजा-संवार के स्कूल केREAD MORE CLICK HERE

एक समय था जब क्रिकेट या फुटबॉल विश्वकप शुरू होते ही खेल प्रेमियों में अलग सा उत्साह भर जाता था. भारत में खास कर क्रिकेट का क्रेज सिर चढ़ कर बोलता है. ऐसे में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के पोस्टर दीवालों पर चिपका कर, वर्ल्ड कप में कौन सा मैच कबREAD MORE CLICK HERE

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस प्रत्येक वर्ष 12 जून को मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) द्वारा बाल श्रम के उन्मूलन हेतु वैश्विक स्तर पर 12 जून 2002 से मनाने की प्रक्रिया का शुभारम्भ किया गया. इस साल का थीम है, Children shouldn’t work in fields, but on dreams!READ MORE CLICK HERE

विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है. यह दिवस धरती पर लगातार बेकाबू होते जा रहे प्रदुषण और ग्लोबलवार्मिंग जैसे कारणों से निपटने के लिए धरती और मानव जाति के बीच तालमेल बनाने के लिए मनाया जाता है. इस दिवस को प्रत्येक साल अलग अलग थीमREAD MORE CLICK HERE

कुछेक वर्षों पूर्व, एक समय था जब महिलाओं के लिए बाह्य दुनिया से भेंट करने हेतु अखबार, रेडियो, दूरदर्शन, पत्रिकाओं आदि जैसे एकपक्षीय माध्यम थे. इन माध्यमों के द्वारा अतिविशिष्ट महिलायें ही अपनी बात दुनिया के सामने रख पाती थीं जबकि सामान्य महिलाओं के लिए तो दुश्वारिता बदस्तूर कायम थी.READ MORE CLICK HERE

जी हाँ, ऐसे तो सारण की धरती धार्मिक ऐतिहासिक, राजनैतिक सामाजिक दृष्टिकोण से गौरवशाली रही है। जहाँ स्वयं भगवान ने छह बार पधार कर इस धरती को पावन बनाते हुए ब्रह्मा जी की प्रयोग भूमि के रूप में इसे प्रतिष्ठित किया है। वही महर्षि दधीचि और राजा मौर्यध्वज़ ने इसREAD MORE CLICK HERE

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद सभी स्तब्ध है. वाजपेयी जी से जुड़े कुछ संस्मरण को विद्वत परिषद् के बिहार झारखण्ड के प्रमुख रामदयाल शर्मा ने छपरा टुडे डॉट कॉम से साझा की है. आप भी पढ़िए ये संस्मरण……. हार नही मानूंगा, रार नही ठानूँगाREAD MORE CLICK HERE

(नीरज सोनी) विगत 16 मई 2014 के दिन जब लोकसभा के चुनाव परिणाम आ रहे थे तब उस दिन शाम होते- होते देश में एक नये सूर्य का उदय हो रहा था। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 35 वर्षो के बाद भाजपा को ही नहीं अपितु राजग गठबंधन कोREAD MORE CLICK HERE