बक्सर के पास गंगा नदी में बहते शव एवं उन्नाव जिले में गंगा किनारे रेत के अंदर शवों का दफनाना अमानवीय एवम चिंता का विषय है। ये तैरते और दफनाए हुए शवों से मानवीय संवेदनाएं तार तार की जा रही है। यही नही गंगा में प्रदूषण बढ़ने की भी संभावनाREAD MORE CLICK HERE

पूरे विश्व में साल में दो दिन 21 मार्च और 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। लेकिन 1970 से हर वर्ष 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व पृथ्वी दिवस का सामाजिक और राजनैतिक महत्व है। 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव हुआ जिससे भारीREAD MORE CLICK HERE

गिरीश्वर मिश्र आज सामाजिक जीवन की बढ़ती जटिलता और चुनौती को देखते हुए श्रीराम बड़े याद आ रहे हैं, जो प्रजा वत्सल तो थे ही अपने निष्कपट आचरण द्वारा पग-पग पर नैतिकता के मानदंड स्थापित करते चलते थे। सत्य की स्थापना के लिए बड़ी से बड़ी परीक्षा के लिए तैयारREAD MORE CLICK HERE

डॉ. अजय खेमरिया राम मानवता की सबसे बड़ी निधि है। वे संसार में अद्वितीय प्रेरणापुंज है। वे शाश्वत धरोहर है मानवीय सभ्यता, संस्कृति और लोकजीवन के। राम जीवन के ऐसे आदर्श हैं जो हर युग में सामयिकता के ज्वलन्त सूर्य की तरह प्रदीप्त है। मर्यादा, शील, संयम, त्याग, लोकतंत्र, राजनय,READ MORE CLICK HERE

सियाराम पांडेय ‘शांत’ यूं तो हम 1 जनवरी से नया साल मानते हैं लेकिन हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। इसबार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 13 अप्रैल को पड़ रही है। ब्रह्म पुराण में वर्णित है कि ब्रह्मा जी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हीREAD MORE CLICK HERE

(कबीर अहमद) समय के साथ सब कुछ बदलता है, वैसे भी परिवर्तन संसार का नियम है. विगत सालों में जो सबसे तेजी से बदलता दिखा है वो है हाथों में किताबों की जगह स्मार्ट फ़ोन्स. जो आंख कभी किताबों के पन्ने पढ़ने पर नींद की आगोश में खो जाती थीREAD MORE CLICK HERE

सुरेश हिन्दुस्थानी भारत भूमि के संस्कार समाज में ऐक्य भाव की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। वर्तमान में जहां परिवार टूट रहे हैं, समाज में अलगाव की भावना भी विकसित होती जा रही है। इसे समाप्त करने के लिए हमारे त्यौहार हर वर्ष पथ प्रदर्शक बनकर आते हैं, लेकिनREAD MORE CLICK HERE

  (प्रशांत सिन्हा) जल संरक्षण कीजिए, जल जीवन का सार । जल न रहे यदि जगत में, तो जीवन है बेकार। हम सभी अक्सर सुनते हैं “जल ही जीवन है, जल के बिना जीवन का अस्तित्व नहीं है, बिन पानी सब सून, जल है तो कल है “. इसलिए कलREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) हर वर्ष विश्व के लगभग कई देशों में 8 मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देना है. इस वर्ष के लिए अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम “women in leadership : Achieving an equal futureREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) शुक्रवार रात 10.34 के करीब पूरे उत्तर भारत में भूकम्प 6.1 की तीव्रता से आया। इसके अलावा पाकिस्तान,  तजाकिस्तान में भी भूकम्प के झटके आये।  भूकंप का केन्द्र तजाकिस्तान था। इस की तीव्रता 6.3 थी। कुछ दिनों से कई बार दिल्ली- एनसीआर और देश के कई हिस्से मेंREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) यही वह 26 जनवरी का गौरवशाली ऐतिहासिक दिन है जब भारत ने आज़ादी के लगभग 2 साल 11 महीने 18 दिनों के बाद इसी दिन हमारी संसद में भारतीय संविधान को पास किया था। ख़ुद को संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करने के साथ ही भारत के लोगों द्वाराREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) राजनीति के अद्भुत खिलाड़ी, क्रांतिकारी और सब कुछ देश की आज़ादी के लिए दांव पर लगाने वाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आज जयंती है। सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक शहर में हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम में उन्होने बड़ी भूमिका निभाईREAD MORE CLICK HERE