मूर्तिदेवी सम्मान पाने वाली पहली महिला लेखिकाः प्रतिभा राय ओड़िया भाषा की सुप्रतिष्ठित लेखिका हैं, जिनका आधुनिक ओड़िया साहित्य में व्यापक योगदान है। उनके कुछ उपन्यासों को हिंदी के पाठकों ने भी हाथोंहाथ लिया, जिन उपन्यासों का हिंदी अनुवाद उपलब्ध है। इनमें मुख्य रूप से दो उपन्यास ‘शिलापद्म’ का हिंदीREAD MORE CLICK HERE

योगेश कुमार गोयल 15 जनवरी को प्रतिवर्ष भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष हम 15 जनवरी को 74वां सेना दिवस मना रहे हैं। सेना दिवस के अवसर पर पूरा देश थलसेना के अदम्य साहस, जांबाज सैनिकों की वीरता, शौर्य और उसकी शहादत को याद करता है। इस विशेषREAD MORE CLICK HERE

डॉ. अशोक कुमार भार्गव भारतीय नवजागरण के अग्रदूत, भारतीय सभ्यता संस्कृति धर्म और अध्यात्म की अनमोल विरासत को विश्व पटल पर सम्मानित करने वाले महान चिंतक स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति के सर्वाधिक प्रेरक पुंज और अनुकरणीय आदर्श हैं। 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में जन्मे विवेकानंद जिनका बचपन का नामREAD MORE CLICK HERE

लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि (11 जनवरी) पर विशेष योगेश कुमार गोयल वाराणसी से करीब सात मील दूर एक छोटे से रेलवे टाउन मुगलसराय में 2 अक्तूबर 1904 को जन्मे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का सम्पूर्ण जीवन संघर्षों से भरा था। जब वे मात्र डेढ़ वर्षREAD MORE CLICK HERE

नये साल में युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा मिलेगा. झारखंड में वर्ष 2022 में युवाओं को नौकरियों की सौगात मिलेगी. कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से अब तक चार हजार से ज्यादा पदों के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेज दी गयी है. अब तकREAD MORE CLICK HERE

गिरीश्वर मिश्र सात दशकों की अपनी प्रजातांत्रिक यात्रा में स्वतंत्र भारत ने राजनीति की उठापटक में अब तक कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति से लेकर अमृत महोत्सव मनाने तक की दूरी तय करने में देश के नायकों की चर्चा में जमीन से जुड़े और लोक-मानस काREAD MORE CLICK HERE

जन्मदिन पर विशेष आधुनिक वैश्विक संदर्भ में सुशासन का अर्थ मात्र अच्छे शासन से ही नहीं वरन अविलंब निर्णय लेने, निर्णयों को सार्थक ढंग से लागू करने और उन्हें कार्य रूप में परिणत करने की प्रक्रिया तथा उससे संबध्द समग्र तंत्र के कार्य निष्पादन से है। निःसंदेह सुशासन का विकासREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा)   दुनिया में साल दर साल प्राकृतिक आपदाओं के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए लोगों में जागरूकता लाना जरुरी है। इसी बातों को लेकर जागरूक करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 13 अक्टूबर को अंतराष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस के रूप मेंREAD MORE CLICK HERE

वो भी क्या दिन थे ना फेसबुक था ना ही ट्विटर फिर भी हम देशभक्त थे वो भी क्या दिन थे हाथ की कलाई में रंग बिरेंगे रिबन बांधे और हाथ में तिरंगा लेकर हम स्कूल की तरफ दौर पड़ते थे वो भी क्या दिन थे जब स्कूल में हमREAD MORE CLICK HERE

(श्वेता गोयल) वर्ष 1964 में प्रधानमंत्री बनने से पहले लाल बहादुर शास्त्री विदेश मंत्री, गृहमंत्री और रेल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके थे। ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले लाल बहादुर शास्त्री नैतिकता की मिसाल थे। जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने, उन्हें सरकारी आवास के साथ इंपाला शेवरलेREAD MORE CLICK HERE

बेगूसराय (एजेंसी): बिहार कि सांस्कृतिक, साहित्यिक और औद्योगिक राजधानी बेगूसराय ने अपनी उर्वर भूमि पर एक से एक विभूति को पैदा किया है, जो बीते और वर्तमान काल खंड में ही नहीं, भविष्य में भी सदैव याद किए जाते रहेंगे। वैसे ही विभूतियों में एक हैं राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर।READ MORE CLICK HERE

खामोश हुई शहनाईः 21 अगस्त 2006 को भारत के मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां का इंतकाल हो गया। अपने प्रिय शहर बनारस में जब उन्हें सिपुर्द-ए-खाक किया गया तो उनके साथ उनकी एक शहनाई भी दफनाई गयी। इसके साथ ही बनारस में गंगा के घाटों पर उमड़ने वाला सुरोंREAD MORE CLICK HERE