जी हाँ, ऐसे तो सारण की धरती धार्मिक ऐतिहासिक, राजनैतिक सामाजिक दृष्टिकोण से गौरवशाली रही है। जहाँ स्वयं भगवान ने छह बार पधार कर इस धरती को पावन बनाते हुए ब्रह्मा जी की प्रयोग भूमि के रूप में इसे प्रतिष्ठित किया है। वही महर्षि दधीचि और राजा मौर्यध्वज़ ने इसRead More →

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद सभी स्तब्ध है. वाजपेयी जी से जुड़े कुछ संस्मरण को विद्वत परिषद् के बिहार झारखण्ड के प्रमुख रामदयाल शर्मा ने छपरा टुडे डॉट कॉम से साझा की है. आप भी पढ़िए ये संस्मरण……. हार नही मानूंगा, रार नही ठानूँगाRead More →

(कबीर अहमद) समय के साथ सब कुछ बदलता है, वैसे भी परिवर्तन संसार का नियम है. विगत सालों में जो सबसे तेजी से बदलता दिखा है वो है हाथों में किताबों की जगह स्मार्ट फ़ोन्स. जो आंख कभी किताबों के पन्ने पढ़ने पर नींद की आगोश में खो जाती थीRead More →

(नीरज सोनी) विगत 16 मई 2014 के दिन जब लोकसभा के चुनाव परिणाम आ रहे थे तब उस दिन शाम होते- होते देश में एक नये सूर्य का उदय हो रहा था। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 35 वर्षो के बाद भाजपा को ही नहीं अपितु राजग गठबंधन कोRead More →

{सुरभित दत्त} जब इतिहास रचा जा रहा हो तो कोई नहीं जानता कि वह इतिहास रच रहा है. रियो ओलंपिक में देश की आन की रक्षा महिला खिलाड़ियों ने की और इतिहास रच दिया है. देश के लिए मेडल लेकर लाज बचाने वाली महिलाएं उन लोगों के लिए एक सबक हैRead More →

छपरा (संतोष कुमार ‘बंटी’): ‘दलित’ एक ऐसा नाम जिसके उपर हो रही राजनीति शायद कभी समाप्त नहीं होगी. इस शब्द के प्रति अपनत्व को देखकर लगता है कि यह सभी के चहेते तो हैं, लेकिन असलियत का पता तो इस नाम के साथ जीने वाले लोगों के पास ही जाकर लगायाRead More →

प्रभात किरण हिमांशु जिसने आजादी की खुशबू को अपने खून से तरोताजा कर दिया उस महान क्रांति पुरुष का नाम है ‘आजाद’. जिसने आजादी के लिए जीना और आजादी के साथ मरने की प्रेरणा दी उस वीर सपूत का नाम है ‘आजाद’. चंद्रशेखर ‘आजाद’ ही थे जिसने स्वाधीनता नाम केRead More →

सारण जिला परिषद् के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में ‘यारा’ (यादव-राजपूत) समीकरण का दबदबा दिखा. एक ओर जहाँ अध्यक्ष पद पर राजपूत प्रत्याशी की जीत हुई वही दूसरी ओर उपाध्यक्ष पद पर यादव प्रत्याशी के जीत ने इस समीकरण को मजबूत किया है. राजपूत जाति से आने वाली मढ़ौरा भाग-2 की पार्षद मीणाRead More →

(कबीर अहमद) दिन-प्रतिदिन युवाओं पर चढ़ रहे Selfie के खुमार को दरकिनार नही किया जा सकता है. सेल्फी का शौक और उसका क्रेज़ युवाओं के सर चढ़कर बोल रहा है. सेल्फी के लिए युवा कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जा रहे है. आये दिन बढ़ रही सेल्फी कीRead More →

{संतोष कुमार ‘बंटी’} केन्द्र की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं. इन दो वर्षों के अंतराल में कई उतार चढ़ाव के बाद भी अपने को स्थिर रखने में मोदी सरकार सफल रही है. आरोप प्रत्यारोप के बीच संसद से लेकर सड़कRead More →

(संतोष कुमार) आधुनिकता के इस दौर में जितनी तेजी से हम आगे बढ़ रहे हैं उतनी तेजी के साथ ही सोशल साईट्स के जरिए भ्रामक खबरें, भ्रातिया अफवाह एक से दो, दो से चार, चार से चार लाख यहां तक की चार करोड़ लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाRead More →

{कबीर अहमद} ‘माँ’ जिसने मुझे जन्म दिया. ‘माँ’ जिसने मुझे बोलना सिखाया. ‘माँ’ जिसने मुझे चलना सिखाया. ‘माँ’ ने हमें बचपन से ही बड़ों को आदर करना सिखाया है.  एक माँ ही है जिसका दिया हुआ उपकार कोई उसे वापस ना कर पाया है और ना कर पायेगा. ‘माँ’ शब्दRead More →