गंडामन हादसे की है छठी बरसी 16 जुलाई 2013 को हुआ था हादसा Chhapra: छह साल पहले सारण मे ऐसी घटना घटी, जिसने प्रदेश ही नही देश और विदेश मे सभी को झकझोर कर रख दिया. घर से माँ ने अपने बच्चों को अपनी हाथों से सजा-संवार के स्कूल केRead More →

एक समय था जब क्रिकेट या फुटबॉल विश्वकप शुरू होते ही खेल प्रेमियों में अलग सा उत्साह भर जाता था. भारत में खास कर क्रिकेट का क्रेज सिर चढ़ कर बोलता है. ऐसे में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के पोस्टर दीवालों पर चिपका कर, वर्ल्ड कप में कौन सा मैच कबRead More →

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस प्रत्येक वर्ष 12 जून को मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) द्वारा बाल श्रम के उन्मूलन हेतु वैश्विक स्तर पर 12 जून 2002 से मनाने की प्रक्रिया का शुभारम्भ किया गया. इस साल का थीम है, Children shouldn’t work in fields, but on dreams!Read More →

विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है. यह दिवस धरती पर लगातार बेकाबू होते जा रहे प्रदुषण और ग्लोबलवार्मिंग जैसे कारणों से निपटने के लिए धरती और मानव जाति के बीच तालमेल बनाने के लिए मनाया जाता है. इस दिवस को प्रत्येक साल अलग अलग थीमRead More →

कुछेक वर्षों पूर्व, एक समय था जब महिलाओं के लिए बाह्य दुनिया से भेंट करने हेतु अखबार, रेडियो, दूरदर्शन, पत्रिकाओं आदि जैसे एकपक्षीय माध्यम थे. इन माध्यमों के द्वारा अतिविशिष्ट महिलायें ही अपनी बात दुनिया के सामने रख पाती थीं जबकि सामान्य महिलाओं के लिए तो दुश्वारिता बदस्तूर कायम थी.Read More →

जी हाँ, ऐसे तो सारण की धरती धार्मिक ऐतिहासिक, राजनैतिक सामाजिक दृष्टिकोण से गौरवशाली रही है। जहाँ स्वयं भगवान ने छह बार पधार कर इस धरती को पावन बनाते हुए ब्रह्मा जी की प्रयोग भूमि के रूप में इसे प्रतिष्ठित किया है। वही महर्षि दधीचि और राजा मौर्यध्वज़ ने इसRead More →

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद सभी स्तब्ध है. वाजपेयी जी से जुड़े कुछ संस्मरण को विद्वत परिषद् के बिहार झारखण्ड के प्रमुख रामदयाल शर्मा ने छपरा टुडे डॉट कॉम से साझा की है. आप भी पढ़िए ये संस्मरण……. हार नही मानूंगा, रार नही ठानूँगाRead More →

(कबीर अहमद) समय के साथ सब कुछ बदलता है, वैसे भी परिवर्तन संसार का नियम है. विगत सालों में जो सबसे तेजी से बदलता दिखा है वो है हाथों में किताबों की जगह स्मार्ट फ़ोन्स. जो आंख कभी किताबों के पन्ने पढ़ने पर नींद की आगोश में खो जाती थीRead More →

(नीरज सोनी) विगत 16 मई 2014 के दिन जब लोकसभा के चुनाव परिणाम आ रहे थे तब उस दिन शाम होते- होते देश में एक नये सूर्य का उदय हो रहा था। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 35 वर्षो के बाद भाजपा को ही नहीं अपितु राजग गठबंधन कोRead More →

{सुरभित दत्त} जब इतिहास रचा जा रहा हो तो कोई नहीं जानता कि वह इतिहास रच रहा है. रियो ओलंपिक में देश की आन की रक्षा महिला खिलाड़ियों ने की और इतिहास रच दिया है. देश के लिए मेडल लेकर लाज बचाने वाली महिलाएं उन लोगों के लिए एक सबक हैRead More →

छपरा (संतोष कुमार ‘बंटी’): ‘दलित’ एक ऐसा नाम जिसके उपर हो रही राजनीति शायद कभी समाप्त नहीं होगी. इस शब्द के प्रति अपनत्व को देखकर लगता है कि यह सभी के चहेते तो हैं, लेकिन असलियत का पता तो इस नाम के साथ जीने वाले लोगों के पास ही जाकर लगायाRead More →

प्रभात किरण हिमांशु जिसने आजादी की खुशबू को अपने खून से तरोताजा कर दिया उस महान क्रांति पुरुष का नाम है ‘आजाद’. जिसने आजादी के लिए जीना और आजादी के साथ मरने की प्रेरणा दी उस वीर सपूत का नाम है ‘आजाद’. चंद्रशेखर ‘आजाद’ ही थे जिसने स्वाधीनता नाम केRead More →