(प्रशांत सिन्हा) जब कोविड 19 ने दुनिया भर मे तहलका मचाना शुरू किया तो इटली में फ्रांसेस्का डोमिनिकी को संदेह था कि वायु प्रदूषण से मरने वालो की संख्या बढ़ी है। प्रदूषित स्थानों मे रहने वाले लोगों को पुरानी बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है और ऐसी रोगी कोविड_19READ MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा)  भारतीय संस्कृति में गुरु का पद सर्वोच्च माना गया है। शास्त्रों में गुरु को ब्रह्म, विष्णु एवं महेश के तुल्य कहा गया है। बल्कि कई लोगों ने इनसे भी अधिक महत्व दिया है। कबीर कहते हैं कि भगवान और गुरु दोनो साथ मिले तो पहले गुरु के चरणोंREAD MORE CLICK HERE

भूजल के दोहन के चलते उसका गिरता स्तर सरकार के लिए चिंता का विषय है । इसलिए गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए जनता को जागरूक करना आवश्यक है। भूगर्भ जल श्रोतों के अत्याधिक दोहन, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर चिंताजनक भुजल मे गिरावट, भुजल श्रोतोंREAD MORE CLICK HERE

यह बात वर्ष 1964 में नौ जून की है, जब देश अपने दूसरे प्रधानमंत्री ”लाल बहादुर शास्त्री ” से रुबरू हो रहा था। शास्‍त्री जी का कार्यकाल ऐसा नहीं है कि एक प्रधानमंत्री के रूप में बहुत लम्‍बा रहा हो, किंतु अपने अल्‍प से कार्यकाल में वे जो कुछ भीREAD MORE CLICK HERE

{प्रशांत सिन्हा} संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है। पांच जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण मनाया गया था। धरती पर जीवन के लालन पालन के लिए पर्यावरण प्रकृति का उपहार है। वह प्रत्येक तत्व जिसका उपयोग हमREAD MORE CLICK HERE

बक्सर के पास गंगा नदी में बहते शव एवं उन्नाव जिले में गंगा किनारे रेत के अंदर शवों का दफनाना अमानवीय एवम चिंता का विषय है। ये तैरते और दफनाए हुए शवों से मानवीय संवेदनाएं तार तार की जा रही है। यही नही गंगा में प्रदूषण बढ़ने की भी संभावनाREAD MORE CLICK HERE

पूरे विश्व में साल में दो दिन 21 मार्च और 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। लेकिन 1970 से हर वर्ष 22 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व पृथ्वी दिवस का सामाजिक और राजनैतिक महत्व है। 1969 में कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में तेल रिसाव हुआ जिससे भारीREAD MORE CLICK HERE

गिरीश्वर मिश्र आज सामाजिक जीवन की बढ़ती जटिलता और चुनौती को देखते हुए श्रीराम बड़े याद आ रहे हैं, जो प्रजा वत्सल तो थे ही अपने निष्कपट आचरण द्वारा पग-पग पर नैतिकता के मानदंड स्थापित करते चलते थे। सत्य की स्थापना के लिए बड़ी से बड़ी परीक्षा के लिए तैयारREAD MORE CLICK HERE

डॉ. अजय खेमरिया राम मानवता की सबसे बड़ी निधि है। वे संसार में अद्वितीय प्रेरणापुंज है। वे शाश्वत धरोहर है मानवीय सभ्यता, संस्कृति और लोकजीवन के। राम जीवन के ऐसे आदर्श हैं जो हर युग में सामयिकता के ज्वलन्त सूर्य की तरह प्रदीप्त है। मर्यादा, शील, संयम, त्याग, लोकतंत्र, राजनय,READ MORE CLICK HERE

सियाराम पांडेय ‘शांत’ यूं तो हम 1 जनवरी से नया साल मानते हैं लेकिन हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। इसबार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 13 अप्रैल को पड़ रही है। ब्रह्म पुराण में वर्णित है कि ब्रह्मा जी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हीREAD MORE CLICK HERE

(कबीर अहमद) समय के साथ सब कुछ बदलता है, वैसे भी परिवर्तन संसार का नियम है. विगत सालों में जो सबसे तेजी से बदलता दिखा है वो है हाथों में किताबों की जगह स्मार्ट फ़ोन्स. जो आंख कभी किताबों के पन्ने पढ़ने पर नींद की आगोश में खो जाती थीREAD MORE CLICK HERE

सुरेश हिन्दुस्थानी भारत भूमि के संस्कार समाज में ऐक्य भाव की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है। वर्तमान में जहां परिवार टूट रहे हैं, समाज में अलगाव की भावना भी विकसित होती जा रही है। इसे समाप्त करने के लिए हमारे त्यौहार हर वर्ष पथ प्रदर्शक बनकर आते हैं, लेकिनREAD MORE CLICK HERE