नीरज सोनी   अकेला चना क्या भाड़ फोड सकता है? यह सवाल हमेशा दिमाग में उठता है जब हम सरकारी तंत्र की मार खाते हैं. लेकिन लोकतंत्र में ऐसे कई चने हुए जिन्होंने अकेले ही घड़े रूपी सरकार को तोड़ दिया. जयप्रकाश नारायण एक ऐसे ही शख्स थे जिन्होंने अपनी जिंदगीRead More →

(प्रशांत सिन्हा) भारत वर्ष गांधी, जयप्रकाश, लोहिया, बिनोभा के अहिंसा एवं राजनीति में नैतिक मर्यादाओं की वजह से जाना जाता है। बीसवीं सदी में भारत में जितने महापुरुष पैदा हुए उसमें जयप्रकाश नाम अग्रणी पंक्ति में आता है। जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताबदियारा मेंRead More →

पूरा विश्व 8 सितम्बर को हर वर्ष साक्षरता दिवस मनाता है। विश्व में शिक्षा के महत्व को दर्शाने और निरक्षरता को समाप्त करने के उद्देश्य से 17 नवम्बर 1965 को यह निर्णय  यूनेस्को द्वारा लिया गया था। पहला अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 1966 को मनाया गया था। भारत में साक्षरता दरRead More →

बहुप्रतीक्षित और  बहुचर्चित राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। आखिरी बार यह 1986 में तय किया गया था। हालांकि 1992 में थोड़े संशोधन किए गए थे। बदलती ज़रूरतों के अनुसार शिक्षा नीति में बदलाव की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी मगर अबRead More →

  दुश्मन की गोलियों का सामना हम करेंगे, आज़ाद थे, आज़ाद हैं, आज़ाद ही रहेंगे. महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की आज जयंती है. उनकी जयंती पर देश उनको याद कर रहा है. चंद्रशेखर आजाद के नाम से अंग्रेज कांपा करते थे. उनका जन्म मध्य प्रदेश के झाबुआ में 23 जुलाईRead More →

महान भारतीय चिकित्सक डॉ. बिधान चंद्र राय के जन्म दिवस पर एक जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है. उनका जन्म 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था. कोलकाता में चिकित्सा शिक्षा पूर्ण करने के बाद डॉ. राय ने एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि लंदन से प्राप्त की.Read More →

(प्रशांत सिन्हा)  मेरे पिताजी अक्सर जयप्रकाश आंदोलन की चर्चा अपने मित्रों से करते थे और मैं उनके पास बैठ कर उनकी बातें सुना करता था। मेरा विद्यालय जयप्रकाश बाबू के घर के ठीक सामने था। मैं हमेशा उन्हें धूप में किताबें पढ़ते हुए देखा करता था। शिक्षकगण भी उनके विषयRead More →

(प्रशांत सिन्हा) करोना महामारी के कारण बिहार के श्रमिकों को बेहद परेशानी से गुज़रना पड़ा है। जिस तरह श्रमिकों को समस्या हुई है वह शायद ही इतिहास में हुआ होगा। वैसे महामारी और पलायन में रिश्ता है। जब भी महामारी फैली है पलायन हुआ है। करोना महामारी ने हमें सीखRead More →

हर साल 22 April को दुनिया में 193 देशों मे पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसकी शुुुुरुआत 1970 में  अमेरिका में हुई थी। मगर  इस वर्ष खास बात है कि इस वर्ष इसकी पचासवीं वर्षगांठ है। दूसरी खास बात है कि इस वर्ष पूूरी दुनिया में वैश्विकRead More →

वास्तव में अगर जम्मू कश्मीर के बारे में बातचीत करने की जरूरत है तो वह है POK और अक्साई चीन के बारे में. इसके ऊपर देश में चर्चा होनी चाहिए गिलगित जो अभी POK में है. विश्व में एकमात्र ऐसा स्थान है जो कि 5 देशों से जुड़ा हुआ है-Read More →

गंडामन हादसे की है छठी बरसी 16 जुलाई 2013 को हुआ था हादसा Chhapra: छह साल पहले सारण मे ऐसी घटना घटी, जिसने प्रदेश ही नही देश और विदेश मे सभी को झकझोर कर रख दिया. घर से माँ ने अपने बच्चों को अपनी हाथों से सजा-संवार के स्कूल केRead More →

एक समय था जब क्रिकेट या फुटबॉल विश्वकप शुरू होते ही खेल प्रेमियों में अलग सा उत्साह भर जाता था. भारत में खास कर क्रिकेट का क्रेज सिर चढ़ कर बोलता है. ऐसे में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के पोस्टर दीवालों पर चिपका कर, वर्ल्ड कप में कौन सा मैच कबRead More →