(प्रशांत सिन्हा)   दुनिया में साल दर साल प्राकृतिक आपदाओं के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। इसे रोकने के लिए लोगों में जागरूकता लाना जरुरी है। इसी बातों को लेकर जागरूक करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 13 अक्टूबर को अंतराष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस के रूप मेंREAD MORE CLICK HERE

वो भी क्या दिन थे ना फेसबुक था ना ही ट्विटर फिर भी हम देशभक्त थे वो भी क्या दिन थे हाथ की कलाई में रंग बिरेंगे रिबन बांधे और हाथ में तिरंगा लेकर हम स्कूल की तरफ दौर पड़ते थे वो भी क्या दिन थे जब स्कूल में हमREAD MORE CLICK HERE

(श्वेता गोयल) वर्ष 1964 में प्रधानमंत्री बनने से पहले लाल बहादुर शास्त्री विदेश मंत्री, गृहमंत्री और रेल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके थे। ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले लाल बहादुर शास्त्री नैतिकता की मिसाल थे। जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने, उन्हें सरकारी आवास के साथ इंपाला शेवरलेREAD MORE CLICK HERE

बेगूसराय (एजेंसी): बिहार कि सांस्कृतिक, साहित्यिक और औद्योगिक राजधानी बेगूसराय ने अपनी उर्वर भूमि पर एक से एक विभूति को पैदा किया है, जो बीते और वर्तमान काल खंड में ही नहीं, भविष्य में भी सदैव याद किए जाते रहेंगे। वैसे ही विभूतियों में एक हैं राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर।READ MORE CLICK HERE

खामोश हुई शहनाईः 21 अगस्त 2006 को भारत के मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां का इंतकाल हो गया। अपने प्रिय शहर बनारस में जब उन्हें सिपुर्द-ए-खाक किया गया तो उनके साथ उनकी एक शहनाई भी दफनाई गयी। इसके साथ ही बनारस में गंगा के घाटों पर उमड़ने वाला सुरोंREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) हम अक्सर शिकायत करते हैं कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों के बाद भी हमें देश ने कुछ नही दिया। यदि सभी लोग याचना छोड़कर देश के प्रति अपने कर्त्तव्य निभाएं तो देश की उन्नति को कोई नहीं रोक सकता। अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति जे एफ कैनेडी ने कहाREAD MORE CLICK HERE

आर.के. सिन्हा टोक्यो ओलंपिक खेलों के श्रीगणेश से पहले किसी भारतीय ने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें ओलंपिक में ऐसा चमत्कारी प्रदर्शन करेंगी। इन दोनों टीमों ने अपने शानदार खेले से सारी दुनिया का ध्यान खींचा। इस सबके बीच महिला टीमREAD MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा) जब कोविड 19 ने दुनिया भर मे तहलका मचाना शुरू किया तो इटली में फ्रांसेस्का डोमिनिकी को संदेह था कि वायु प्रदूषण से मरने वालो की संख्या बढ़ी है। प्रदूषित स्थानों मे रहने वाले लोगों को पुरानी बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है और ऐसी रोगी कोविड_19READ MORE CLICK HERE

(प्रशांत सिन्हा)  भारतीय संस्कृति में गुरु का पद सर्वोच्च माना गया है। शास्त्रों में गुरु को ब्रह्म, विष्णु एवं महेश के तुल्य कहा गया है। बल्कि कई लोगों ने इनसे भी अधिक महत्व दिया है। कबीर कहते हैं कि भगवान और गुरु दोनो साथ मिले तो पहले गुरु के चरणोंREAD MORE CLICK HERE

भूजल के दोहन के चलते उसका गिरता स्तर सरकार के लिए चिंता का विषय है । इसलिए गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए जनता को जागरूक करना आवश्यक है। भूगर्भ जल श्रोतों के अत्याधिक दोहन, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर चिंताजनक भुजल मे गिरावट, भुजल श्रोतोंREAD MORE CLICK HERE

यह बात वर्ष 1964 में नौ जून की है, जब देश अपने दूसरे प्रधानमंत्री ”लाल बहादुर शास्त्री ” से रुबरू हो रहा था। शास्‍त्री जी का कार्यकाल ऐसा नहीं है कि एक प्रधानमंत्री के रूप में बहुत लम्‍बा रहा हो, किंतु अपने अल्‍प से कार्यकाल में वे जो कुछ भीREAD MORE CLICK HERE

{प्रशांत सिन्हा} संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पर्यावरण दिवस पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है। पांच जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण मनाया गया था। धरती पर जीवन के लालन पालन के लिए पर्यावरण प्रकृति का उपहार है। वह प्रत्येक तत्व जिसका उपयोग हमREAD MORE CLICK HERE