{संतोष कुमार ‘बंटी’} केन्द्र की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार ने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं. इन दो वर्षों के अंतराल में कई उतार चढ़ाव के बाद भी अपने को स्थिर रखने में मोदी सरकार सफल रही है. आरोप प्रत्यारोप के बीच संसद से लेकर सड़कREAD MORE CLICK HERE

(संतोष कुमार) आधुनिकता के इस दौर में जितनी तेजी से हम आगे बढ़ रहे हैं उतनी तेजी के साथ ही सोशल साईट्स के जरिए भ्रामक खबरें, भ्रातिया अफवाह एक से दो, दो से चार, चार से चार लाख यहां तक की चार करोड़ लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच जाREAD MORE CLICK HERE

{कबीर अहमद} ‘माँ’ जिसने मुझे जन्म दिया. ‘माँ’ जिसने मुझे बोलना सिखाया. ‘माँ’ जिसने मुझे चलना सिखाया. ‘माँ’ ने हमें बचपन से ही बड़ों को आदर करना सिखाया है.  एक माँ ही है जिसका दिया हुआ उपकार कोई उसे वापस ना कर पाया है और ना कर पायेगा. ‘माँ’ शब्दREAD MORE CLICK HERE

म आपको हिंदी साहित्य के कुछ जानी-मानी कविताएं पढ़ाते हैं जो ‘मां’ के ऊपर लिखी गई हैं जिसे पढ़कर आपके चेहरे पर अपनी ‘मां’ को याद करके एक बरबस मुस्कान आ ही जाएगी.READ MORE CLICK HERE

आज पूरे  विश्व में मदर्स डे मनाया जा रहा है. ऐसे में ‘मां’ को सम्मान देने और उन्हें प्यार देने का हम दे रहे है आपको मौका. मदर्स डे के अवसर पर www.chhapratoday.com आपको मौका देता है, अपनी मां के प्रति अपने सम्मान को व्यक्त करने का. तो उठाइए अपनी कलमREAD MORE CLICK HERE

श्री राम एक ऐसा नाम हैं जिसने हर व्यक्ति को असीम शांन्ति प्रदान की है. राम नाम से श्रेष्ठ रसायन पूरे विश्व में कहीं उपलब्ध नहीं है. राम का जन्म ही समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए हुआ था.राम ने जो उद्धाहरण हमारे समाज के समक्ष प्रस्तुत कियाREAD MORE CLICK HERE

गांवों में बाजार लगाने की सालों पुरानी प्रथा अब विलुप्ति के कगार पर है. एक समय था जब प्रत्येक गाँव में निर्धारित दिन, तिथि को बाजार लगता था. कुछ समय पहले तक शहरों की तरह गावों में स्थाई दुकानें नही हुआ करती थी. कई घरो के चूल्हे इन बाजारों से होनीREAD MORE CLICK HERE

वो साल 2012 था जब हमने Chhapra Today नाम के फेसबुक पेज के ज़रिए आप तक ख़बरें पहुंचाने की एक छोटी की कोशिश की थी. मक़सद सिर्फ एक था कि क्यों ना छपरा और इस ज़िले के आसपास हो रही घटनाओं को एक माध्यम के ज़रिए उन लोगों तक पहुंचायाREAD MORE CLICK HERE

देश की आजादी में सारण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. कलम और बन्दूक दोनों के परस्पर सहभागिता ने आजाद भारत की नीव रखी. सारण की धरती पर एक ऐसे ही युगपुरुष का जन्म हुआ जिन्होंने अपनी लेखनी और बुद्धिमता के बल पर अंग्रेजों को नाको चने चबाने पर मजबूर कर दिया.READ MORE CLICK HERE

सारण जिले में केंद्र सरकार की ‘मिड डे मिल’ योजना तमाम अड़चनों के बाद भी गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए दिन के भोजन का जरिया बन चूका है. सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीबों के बच्चे जब स्कूल पढ़ने आते है तो उनकी आँखों में एक उम्मीद होती हैREAD MORE CLICK HERE

आप इसे शौक कहेंगे या नादानी. करतब कहें या बेवकूफी पर आज की युवा पीढ़ी मोटरबाइक को जिस रफ़्तार से चला रही है, उसे देख कर इतना जरूर कहा जा सकता है कि मोटर बाइक की रेस में युवा पीढ़ी अपनी जिंदगी के रेस में हारती नजर आ रही है.READ MORE CLICK HERE

छपरा: सारण में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चूका है.कई प्रखंडों में चुनाव हेतु नामांकन प्रक्रिया आरम्भ है. इस बार के चुनाव को आरक्षण के नए रोस्टर ने रोमांचक बना दिया है. पूर्व से चयनित पुरुष जनप्रतिनिधि या पहली बार चुनाव लड़ने का इरादा रखने वाले कई उम्मीदवारों के उम्मीदोंREAD MORE CLICK HERE