संगठन को तेज और धारदार बनाने की जरूरत: लालू यादव

संगठन को तेज और धारदार बनाने की जरूरत: लालू यादव

पटना: राजद प्रमुख और पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को पार्टी की आभासी बैठक को संबोधित किया। राजद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लालू यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन को तेज और धारदार बनाने की जरूरत है। पिछले दिनों मैंने यह आह्वान किया था कि कंधे पर गमछा और सिर पर हरी टोपी लगा लिजिए। राजद की यही पहचान है। गांव-देहात जहां भी अन्याय हो रहा हो वहां पार्टी के लोगों को गमछा और टोपी के साथ पहुंच जाना चाहिए और पीड़ित की मदद करते हुए उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।

राजद सुप्रीमो ने कहा कि राजद की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने संगठन को तेज और धारदार बनाए और जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला करे। जेल भरो आंदोलन करो..जेल भरना मामूली बात नहीं है। कुछ लोग जेल जाने से भी डरते हैं जब डरेंगे तब आंदोलन और सत्याग्रह कैसे करेंगे? लोग मुकदमा होने से डरते है और इस बात से परेशान रहते है कि कही उन पर 107 ना लग जाए। ऐसी बातों से डरना नहीं चाहिए, बल्कि देश की व्याप्त समस्याओं को लेकर लोगों की आवाज बननी चाहिए और सरकार को घेरने का काम करना चाहिए। लालू ने कहा कि हमने राजद को सेल्फ मेड पार्टी बनाया। अपने पैरों पर खड़ा होकर राजद का गठन किया। आप भी पूरे मजबूती के साथ पार्टी को आगे बढ़ाए हम सभी साथ हैं।

जातीय जनगणना पर लालू यादव ने कहा कि यह मांग कोई साधारण मांग नहीं है। इसके नहीं होने से समाज के अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति पीछे छूटता जा रहा है। जातीय जनगणना को लेकर हम लड़ेंगे और इसे करा कर ही रहेंगे। जातीय जनगणना से समाज की खाई को पाटा जा सकता है।

भाजपा पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि राम और रहीम के बंदों के बीच भाजपा नफरत फैलाने का काम करती है। यही सब करके भाजपा सत्ता में आई है लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है। जिसे देश की जनता देख रही है। जनता सर्वेसर्वा है सब कुछ जानती है। कांग्रेस सहित अन्य सहयोगी पार्टियों को एकजुट होने की जरूरत है लेकिन एकजुटता के अभाव के कारण इसका फायदा भाजपा उठाती है। आरक्षण पर लालू ने कहा कि भाजपा के लोग शुरू से ही आरक्षण का विरोध करते रहे हैं। आज देखिए आरक्षण भी अब धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है।

लालू ने कहा कि चुनाव के पहले की प्रक्रिया टिकट वितरण करने की होती है। यह काम संगठन के नीचे के लोगों का काम है कि छानकर ठीक से सोच समझकर पार्टी को उम्मीदवारों की लिस्ट सौंपे उसके बाद पार्टी इसे देखती है। लेकिन यह प्रक्रिया हो नहीं पाती है। जब चुनाव नजदीक आता है तब टिकट लेने वालों की भीड़ लग जाती है। पहले लोगों को आसानी से टिकट नहीं मिलता था। आलाकमान दिल्ली से यह सब तय होता था लेकिन हमने अपने हाथों से लोगों को टिकट दिया है।

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