भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

पटना: बिहार की राजधानी पटना में आतंकियों की बड़ी साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनका इरादा भारत को 2047 तक इस्लामी राष्ट्र बनाने का था।

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले ही पुलिस ने दो संदिग्ध आतंकियों अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन को गिरफ्तार किया था। अतहर ने पुलिस को बताया कि इस मुहिम में 26 लोग शामिल थे, जिनकी पटना में ट्रेनिंग चल रही थी। सभी पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से भी जुड़े थे।

इन दोनों की सूचना पर गुरुवार को फुलवारी शरीफ के रहने वाले अरमान मलिक को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में यह तीसरी बड़ी गिरफ्तारी है। अरमान भी पीएफआई की मीटिंग में शामिल होता था। तीनों से अभी पूछताछ चल रही है। कुल 26 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इनके पास से इंडिया-2047 नाम के डॉक्यूमेंट भी मिला है।

पुलिस के हाथ लगे सात पेज के डॉक्यूमेंट में पूरी प्लानिंग का जिक्र है। पटना के फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस की दूसरी मंजिल को ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया था। इसमें बिहार के बाहर के लोग भी आ रहे थे।

83 लाख का ट्रांजेक्शन मिला
प्रधानमंत्री मोदी के पटना दौरे से एक दिन पहले यानी 11 जुलाई की शाम को आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के इनपुट पर पुलिस ने नया टोला में छापेमारी कर जलालुद्दीन और गुलिस्तां मोहल्ला स्थित घर से अतहर को पकड़ा था। इनके बैंक अकाउंट से 83 लाख का ट्रांजेक्शन मिला है।

फुलवारी शरीफ के एसपी मनीष कुमार ने बताया कि ये मिशन 2047 पर काम कर रहे थे। ये लोग भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते थे। इसी टारगेट को पूरा करने के लिए मुस्लिम युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। ईडी अब इन्हें फंडिंग करने वालों की जांच करेगी।

गुरुवार को संदिग्ध आतंकियों के मनसूबों का खुलासा करते हुए पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि मदरसे से यह लोगों को मोबिलाइज करते थे और कट्टरता की ओर मोड़ रहे थे। ये लोगों को संगठित करके लाठी चलाने की ट्रेनिंग देते थे। फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर यूथ को प्रशिक्षण दे रहे थे और अपने प्रोपेगेंडा के माध्यम से ब्रेनवाश कर रहे थे। एएसपी ने बताया कि 2001, 2003 और 2013 में आतंकी गतिविधियों में हुई सभी गिरफ्तारी में अतहर गवाह रहा है। पुलिस ने इसका सत्यापन कर लिया है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इनके ठिकानों से कई आपत्तिजनक बैनर, पम्पलेट, वीडियो समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। अतहर के विभिन्न बैंकों में तीन अकाउंट हैं। इनमें 83 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों अकाउंट्स को फ्रीज कराया जाएगा।

गिरफ्तार मो. जलालुद्दीन प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी का एक्टिव सदस्य रहा है। अब यह पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का भी एक्टिव मेंबर है। पूछताछ में इसने खुलासा किया है कि पीएफआई से सिमी के पूर्व सदस्यों को जोड़ा जा रहा है। इसके बाद इन्हें जोड़कर एक गुप्त संगठन तैयार किया जा रहा है। इस गुप्त संगठन को एक बड़ा टारगेट दिया गया है।

 

इनपुट हिस   

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