स्मार्टफोन खरीदने से पहले हो जाएं सावधान, कहीं आप पहले से एक्टिवेटेड फोन तो नहीं खरीद रहे हैं

स्मार्टफोन खरीदने से पहले हो जाएं सावधान, कहीं आप पहले से एक्टिवेटेड फोन तो नहीं खरीद रहे हैं

हाल ही में कुछ महीने पहले सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हो रहा था. जिसमें एक शख्स द्वारा एक Smart Phone Brand के स्मार्टफोन को सर्विस सेंटर में नहीं बदले जाने के कारण पटक कर तोड़ते हुए देखा गया. वीडियो में ग्राहक काफी नाराज आ रहा नज़र आ रहा था. ऐसे में ग्राहक का कहना था कि कुछ दिन पहले ही उसने फोन खरीदी थी और खराब हो गया था जब वह सर्विस सेंटर में गया तो वहां बताया गया कि वारंटी खत्म है. जबकि कुछ ही दिन पहले उसने फोन खरीदा था बात से नाराज होकर उसने फोन को वहीं पटक के तोड़ दिया.

यहां देखिये वीडियो

स्मार्टफोन खरीदने से पहले हो जाएं सावधान, कहीं आप पहले से एक्टिवेटेड फोन तो नहीं खरीद रहे हैं?

Posted by WelcomeTo Yantram on Sunday, August 18, 2019

डीलरों की थी गलती, आप भी हो जाएं सचेत

छ्परा के yantram Mobile  के अनिकेत कश्यप बताते हैं कि ज्यादातर बड़ी कंपनियां अपने ग्राहकों को 7 से 30 दिनों तक का रिप्लेसमेंट की गारंटी देती है. जिसके तहत अगर फोन में किसी भी तरह की खराबी आती है. तो वह फोन सर्विस सेंटर से या जिस डीलर से खरीदा गया है वहां से सीधे बदल के नया दिया जाता है.

फोन की गारंटी वारंटी फोन खरीदते वक्त जिस वक्त फोन में सिम जाता है उस वक्त से या डेट ऑफ परचेज, बिलिंग डेट से शुरू हो जाती है. 7 से 30 दिनों तक का रिप्लेसमेंट इसी तारीख से गिना जाता हैं.

बिकने से पहले ही एक्टिवेट हो जाता है फ़ोन

मगर इस ग्राहक के साथ ऐसा नहीं हुआ इसके पीछे कारण ग्राहक नहीं ,वो डीलर है जिसने इन्हें फोन बेचा था. अपने थोड़े से मुनाफा के लिए कई डीलर फोन को महीने के अंतिम तारीख पर या उससे दो-चार दिन पहले एक्टिवेट कर के फोन को दोबारा सील कर देते हैं.

 

यह आमतौर पर ग्राहक नहीं पकड़ पाते हैं. मगर उस फोन की वारंटी शुरू हो चुकी होती है, अब एक्टिवेशन की तारीख से 15 दिन बाद या 20 दिन बाद कोई भी उस फोन को खरीदता है. तो रिप्लेसमेंट का दायरा निकल चुका होता है. सर्विस सेंटर को कोई मतलब नहीं कि आपने उस दुकान से फोन कितने तारीख को खरीदा है उनके पास यह डाटा मेंशन होता है कि फोन में सिम किस तारीख को लगा है वह इसके आधार पर वारंटी या सर्विस प्रोवाइड करते हैं.

अब एक मुश्किल होती है कि ग्राहक कैसे पहचाने उनका फोन उसी वक्त एक्टिवेट हो रहा है जिस वक्त वो खरीद रहे हैं?

फोन खरीदते वक्त फोन के पैकेजिंग को ध्यान से देखें लेमिनेशन पैकिंग को ध्यान से देखें उसके ऊपर की सील को बहुत गौर से देखें अगर seal temper किया हुआ होगा तो वह आपके पकड़ में काफी आसानी से आ जाएगा अक्सर इसके ऊपर कोई ध्यान नहीं देता ऑल डीलर बातों में उलझा कर ग्राहक के सामने ही उस सील को खोल देते हैं.

फोन की जो असल कीमत है जो कि आप ऑनलाइन सर्च करते हैं या पूरे मार्केट में होते हैं, अगर उससे जरूरत से ज्यादा सस्ता अगर कोई आपको देता हो तो इस बात को हमेशा ध्यान में रखें कि कंपनी का स्कीम लगभग सारे डीलर्स के लिए एक होता है. वही उसमें कम या ज्यादा कर सकते हैं. जरूरत से ज्यादा कम होने का मतलब उनकी एक्सेसरीज के साथ हेरफेर या repair refurbish refurnish किया हुआ हो इस स्थिति में वारंटी और सर्विस की बड़ी समस्या उत्पन्न होती है जो कि ग्राहक खरीदते वक्त समझ नहीं पाते उन्हें सिर्फ सस्ता समझ में आता है.

बिल लेते वक्त ध्यान दे कि बिल की तारीख कब की है कोशिश करें computer-generated इनवॉइस लेने का इसमें हेरा फेरी के आसार कम से कम होते हैं

अगर इन सारी बातों का ध्यान आप फोन खरीदते वक्त रखे तो इस तरह के माहौल नहीं उत्पन्न होंगे और ना ही सर्विस में आपको किसी भी तरह की परेशानी होगी.

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