Aug 17, 2017 - Thu
Chhapra, India
28°C
Wind 2 m/s, NNE
Humidity 94%
Pressure 750.81 mmHg

17 Aug 2017      

Home आपका सारण

मांझी: प्रखंड के कोहड़ा बाजार स्थित बाबू जान खां संजर के मजार पर सालाना उर्स के मौके पर कौमी एकता के नाम मुशायरा सह कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन मांझी के विधायक विजय शंकर दुबे ने फीता काट कर किय.

कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से शिरकत कर ख्याति प्राप्त राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के शायरों और कवियों ने अपने बेहरीन शेरो-शायरी, गजल और गीतों से श्रोताओं को डटे रहने पर मजबूर कर दिया. वाराणसी से पहुंचे शायर व गीतकार भूषण त्यागी ने कहा कि है अँधेरा घना रौशनी चाहिए, दर्द जो पी सके वो आदमी चाहिए, जान दे दे जो हंस के वतन के लिए, हौसला से भरा वो आदमी चाहिए को लोगो ने खूब पसंद किया.

वहशी हावड़वी ने जब सुनाया यहाँ हिन्दू-मुसलमान एकता के फूल खिलते हैं, ये छपरा शहर हमे तो हिंदुस्तान लगता है. इसे खूब सराहना मिली. डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि उजालों से है डर मुझको बहुत अच्छे अँधेरे हैं, कहाँ अब रात वाले हैं सब दिन के लुटेरे हैं. झारखंड से पहुंचे शायर कैसर ईमाम कैसर ने वर्तमान दौर मे सियासत पर तंज कसते हुए कहा कि यहाँ दहशत पसंदो की हिमाकत कौन करता है, हमारे मुल्क में गंदी सियासत कौन करता है.

परवाना सिवानी ने भोजपुरी में गांव की पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि का कहीं गंऊवा हमार छूटल जाता,घरवा अंगना दुआर छूटल जाता. कोलकाता पहुँचे हलीम साबिर,रईस आजम हैदरी, डॉ. मेहनाज वारसी, ताहिर बेग देहलवी, परवेज अशरफ के नात, शेर, गजल और गीतों को भी श्रोताओं ने खूब सराहा.

इसके पूर्व शाम को संजर साहब के मजार पर चादरपोशी की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ट शायर सोहैल पैग़म्बरपुरी, संचालन अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हास्य और व्यंग्य के लिए मशहूर शायर सुनील कुमार तंग इनायतपुरी ने किया.

(Visited 59 times, 1 visits today)

Comments are closed.

error: Content is protected !!