Jan 16, 2018 - Tue
Chhapra, India
10°C
Wind 1 m/s, NNW
Humidity 100%
Pressure 760.56 mmHg

16 Jan 2018      

Home Featured

बचपन में आपने बहुत से ऐसे खेल खेले होंगे जिन्हें आज के मोबाइल पर गेम खेलने वाले बच्चे जानते ही नहीं है. वे रियल वर्ल्ड से दूर कही वर्चुवल वर्ल्ड में गुम है.

आपको थोड़ा पीछे लेकर चलते है और आपके बचपन के उन दिनों को याद कराते है जब आप स्कूल से आते ही होम ट्यूटर के आने या जाने के बाद अपने दोस्तों के साथ उन खेलों को खेलते थे. उन खेलों से आपका मानसिक और शारिरिक और बौद्धिक विकास हुआ.

इसे भी पढ़े: पटने से चिट्ठी आई, रस्ते में गिर गई कोई देखा है? न हीं…

आज जब आप यह स्टोरी पढ़ रहे है या अपने पुराने मित्रों से मिलते है तो सुनहरी यादों में खो जाते है. बचपन में आपने डेंगा-पानी, कोना-कोनी, आँख मिचौली, विष-अमृत, खो-खो, लुक्का छिपी, कबड्डी आदि जैसे खेलों को जरूर खेल होगा. घर के बाहर न निकलने वाले बच्चों में लूडो, व्यापारी, चोर-सिपाही जैसे खेल होते थे जो आज भी आपको याद होंगे.

समय बदला और आधुनिक साधन हमें वीडियो गेम और फिर मोबाइल गेम से शारीरिक खेलों से बच्चों को दूर कर दिया. आज तो बच्चे घर से बाहर निकलने की बजाय मोबाइल और टीवी पर गेम खेलने में व्यस्त है. इसका असर उनके स्वास्थ्य पर देखने को भी मिलता है. समय बदला और हम सभी भी उन खेलों को भूलते जा रहे है.    

(Visited 6 times, 1 visits today)

Comments are closed.

error: Content is protected !!