Nov 23, 2017 - Thu
Chhapra, India
16°C
Wind 2 m/s, W
Humidity 87%
Pressure 759.06 mmHg

23 Nov 2017      

Home शिक्षा

पटना : सर, इस प्रश्न के उत्तर में हमें क्या लिखना है, यह पता नहीं चल रहा है. ऊपर में बस वस्तुनिष्ठ प्रश्न लिख कर दिया गया है. इन प्रश्नों का हमें क्या उत्तर देना है, यह पूछा ही नहीं गया है. ऐसे में हम इन वाक्यों का क्या करें. यह प्रश्न किसी क्लास रूम में नहीं पूछा गया है, बल्कि इंटरमीडिएट का मूल्यांकन कर रहे परीक्षक को उत्तर पुस्तिका में परीक्षार्थियों की ओर से लिखा हुआ प्राप्त हो रहा है. अब परीक्षक परेशान हैं कि इस प्रश्न पर अंक कैसे दिये जाये. अब समिति ने अपनी गलती मानते हुए यह कहा है कि इस प्रश्न के पूरे अंक सभी परीक्षार्थियों को दिये जायेंगे. जिन उत्तर पुस्तिका  की जांच हो चुकी है, उस पर बोर्ड द्वारा अंक दिया जायेगा.

यह समस्या 50 अंकों के हिंदी विषय में आया है. मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों के अनुसार पांच अंक के इस प्रश्न में एक, दो, तीन, चार और पांच करके पांच वाक्य पूछे गये हैं. इसके ऊपर वस्तुनिष्ठ प्रश्न लिखा हुआ है. अब इस प्रश्न का क्या करना है, इस पर कोई गाइड लाइन नहीं है. ऐसे में छात्र यह समझ नहीं पाये कि इस वाक्य के माध्यम से उन्हें उत्तर क्या देना है. परीक्षक शिवाजी शर्मा ने बताया कि इस प्रश्न का उत्तर छात्र नहीं दे पाये हैं. सभी ने खुद ही सवाल लिख कर डाल दिया है.
इतना ही नहीं 50 अंकों वाले हिंदी का मॉडल की भी अधूरा है. प्रश्न संख्या दो में पर्यायवाची शब्द लिखने काे कहा गया है. इसमें गेहूं का पर्यायवाची शब्द लिखना है. लेकिन, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जो मॉडल की तैयार किया है. उसमें गेहूं का पर्यायवाची नहीं लिखा गया है. इससे मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों को खासा परेशानी हो रही है. कई शिक्षक तो इंटरनेट की मदद से गेहूं का पर्यायवाची शब्द निकाल कर मूल्यांकन कर रहे हैं.
समिति की गलती की वजह यह प्रश्न अधूरा था. इससे परीक्षार्थी उत्तर नहीं दे पाये. इस कारण बोर्ड ने निर्णय लिया है कि इस प्रश्न के पूरे अंक सभी परीक्षार्थियों को दिये जायेंगे. जिन उत्तर पुस्तिका की जांच हो चुकी है, उस पर बोर्ड द्वारा अंक दिया जायेगा.
आनंद किशोर, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
(Visited 189 times, 1 visits today)

Comments are closed.

error: Content is protected !!