मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान एवं दान अत्यंत शुभकारक

मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान एवं दान अत्यंत शुभकारक

Chhapra: मकर संक्रांति हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है. सम्पूर्ण भारत में इस त्योहार को किसी न किसी रूप में मनाया जाता है. तमिलनाडु में इसे पोंगल के रूप में मनाते हैं जबकि कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में इसे केवल ‘संक्रांति’ कहते हैं.

पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है जब इस पर्व को मनाया जाता है. यह पर्व जनवरी माह के तेरहवें, चौदहवें या पन्द्रहवें दिन (जब सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है) मनाया जाता है.

शास्त्रों के अनुसार इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है. धारणा है कि इस अवसर पर दिया गया दान सौ गुना बढ़कर पुन: प्राप्त होता है.

मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान एवं दान को अत्यंत शुभकारक माना गया है. इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गई है.

फाइल फोटो 

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